मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)
Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary
भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें२३ संत-मत प्रभाव द्योतक पद राजस्थानी में प्राप्त पद १ ग्यान कूं बाण बसी हो, म्हॉरा सतगुरु जी हो ५५६ ३०७ २ बडे घर ताली लागी रे ५५७ " ३ चालो अभम के देस, काल देखत डरै ५५८ ३०८ ४ राम नाम मेरे मन बसियो ५५९ " *(१) रसियो राम रिझाऊँ ए माइ . ३०६ ५ म्हाँरो जनम मरण रो साथी ५६० " ६ मिलता जाज्यो हो गुरु ज्ञानी ५६१ ३१० ७ आज्यो आज्यो गोविन्द म्हॉरे म्हैल ५६२ ३११ ८ आवो आवो जी रग भीना ५६३ " ९ राणो जी गिरधर रा गुण गास्याँ ५६४ " १० सतगुरु म्हॉरी प्रीत निभाज्यो जी ५६५ ३१२ ११ पिया की खुमार, मै तो बावरी भई माय ५६६ " १२ जागो म्हॉरा, जगपति राइकेँ, हँसि बोलो क्यूं नहि ५६७ ३१३ १३. साँवरियो म्हाने भाँग पिलाई .. .. ५६८ " १४ प्रभु जी मन माने तब तार . ५६९ " १५ करना फकीरी तो क्या दिलगीरी ५७० ३१४ मिश्रित भाषाओं में प्राप्त पद १ कित गयो पछी बोल तो ... .. ५७१ " २ वाल्हा, मै वैरागिन हूँगी हो ५७२ " ३ हेली, सुरत सोहागिन नार .. ५७३ ३१५ • (१) पिरथिवी माया जल मे पडी ३१६ ४ मनख जनम पदारथ पायो, ऐसी बहुर न आता . ५७४ " ५. मै तो हरि चरणन की दासी .. ५७५ ३१७ ब्रजभाषा में प्राप्त पद १ कोई कछु कहै मन लागा ५७६ ३१८ २ मोहिं लागी लगन गुरु चरनन की . ५७७ " ३ गली तो झाारो बन्द हुई, मैं हरि सो कैसे मिलूं जाय ५७८ " ४ हेरी में तो प्रेम दिवानी, मेरो दरद न जाने कोय . ५७९ ३१९ • (१) राम की दिवानी, मेरो दरद नहिं जाने कोई . " ५. मीराँ मनमानी सुरत सैल असमानी . ५८० "