मुद्राराक्षसम् (विशाखदत्त - भारतेन्दु हरिश्चन्द्र हिन्दी अनुवाद)

मुद्राराक्षसम् (विशाखदत्त - भारतेन्दु हरिश्चन्द्र हिन्दी अनुवाद)
Mudrarakshasam of Vishakhadatta Hindi
विशाखदत्त (अनुवादक: भारतेन्दु हरिश्चन्द्र) द्वारा
स्रोत: Mudrarakshas Drama translated into Hindi by Bharatendu Harishchandra (1925) (उद्गम)
DevanagariHindipublished173 पृष्ठ
पृष्ठ 135, कुल 173 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 135
१३८ मुद्राराक्षस-
राक्षस ।—( आप ही आप ) उस चाणक्य वटु का नीतिमार्ग कुछ समझ नही पडता क्योंकि— सकट बच्यौ जो ता कहे, तो क्यौ घातक घात । जाल भयो का खेल मै, कछु समझ्यौ नहि जात ॥ ५ ( सोचकर ) नहि शस्त्र को यह काल यासों मीत जीवन जाइ है । जौ नीति सोचै या समय तो व्यर्थ समय नसाइ है ॥ चुप रहनहू नहि जोग जब मम हित विपति फन्द पर्यौ । तासों बचावन प्रियहि अब हम देह निज विक्रय कर्यौ ॥
( तलवार फेंक कर जाता है )
१० छठा अंक समाप्त हुआ ।