मुहूर्त चिन्तामणि (दैवज्ञ राम - षोडश संस्कार, यात्रा, वास्तु व गृह-प्रवेश मुहूर्त सटीक)

मुहूर्त चिन्तामणि (दैवज्ञ राम - षोडश संस्कार, यात्रा, वास्तु व गृह-प्रवेश मुहूर्त सटीक)
Muhurta Chintamani of Daivajna Rama with Commentary
दैवज्ञ राम (टीकाकार: पं. केदारदत्त जोशी) द्वारा
DevanagariHindipublished207 पृष्ठ
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विवाहप्रकरण ११५
| ज्ये० | उ०फा० | आ० | श० | मू० | ह० | पुन० | पू०भा० | अ० | आ०ना० |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| पु० | मृ० | चित्रा | अनु० | भ० | ध० | पू०षा० | पू०फा० | उ०भा० | $\leftarrow$<br>म०नाड़ी |
| स्वाती | कृ० | आश्ले० | उ०षा० | वि० | रो० | म० | श्रवण | रे० | अं०ना० |
| कन्या का जन्मनक्षत्र और वर का जन्मनक्षत्र यदि किसी एक नाडी में | |||||||||
| हो तो विवाह अशुभ होता है और यदि उक्त दोनों नक्षत्र मध्य नाड़ी में हों | |||||||||
| तो वर और कन्या की मृत्यु होती है ॥ ३४ ॥ | |||||||||
| एक अन्य प्रकार का वर्गकूट | |||||||||
| अकचटतपयशवर्गाः खगेशमार्जारसिंहशुनाम् । | |||||||||
| सर्पाखुमृगावीनां निजं पञ्चमवैरिणामष्टौ ॥ ३५ ॥ | |||||||||
| **अन्वयः-**निजं पञ्चमवैरिणां खगेशमार्जारसिंहशुनां सर्पाखुमृगावीनां (क्रमात्) | |||||||||
| अष्टौ अकचटतपयशवर्गाः (ज्ञेयाः) ॥ ३५ ॥ | |||||||||
| अ० क० च० ट० त० प० य० श० ये आठ वर्ग हैं। इनमें गरुड़ का | |||||||||
| अवर्ग, बिलार का कवर्ग, सिंह का चवर्ग, कुत्ता का टवर्ग, साँप का तवर्ग, | |||||||||
| मूस का पवर्ग, हरिण का यवर्ग और भेंड़ का शवर्ग है। इनमें प्रत्येक वर्ग | |||||||||
| का पाँचवाँ वर्ग वैरी होता है। यथा गरुड़ का साँप, बिलार का मूस, सिंह | |||||||||
| का हिरण, कुत्ता का भेंड़ इत्यादि। इन वर्गों का प्रयोजन यह है कि कन्या | |||||||||
| के नाम का पहिला अक्षर जिस वर्ग में हो उससे वर के नाम का पहिला | |||||||||
| अक्षर पाँचवें वर्ग में हो तो विवाह अशुभ होता है और कन्या और वर के | |||||||||
| नाम का पहिला अक्षर एक ही वर्ग में हो अथवा उदासीन वर्ग में हो तो | |||||||||
| विवाह शुभ होता है ॥ ३५ ॥ | |||||||||
| अवर्गादि चक्र | |||||||||
| ईश | वर्ण | वर्ग | वैरी | ||||||
| :--- | :--- | :--- | :--- | ||||||
| गरुड़ | अ आ इ ई उ ऊ ऋ ॠ ऌ ॡ ए ऐ ओ औ | अवर्ग | साँप | ||||||
| बिलार | क ख ग घ ङ | कवर्ग | मूस | ||||||
| सिंह | च छ ज झ ञ | चवर्ग | हरिण | ||||||
| कुत्ता | ट ठ ड ढ ण | टवर्ग | भेंड़ | ||||||
| साँप | त थ द ध न | तवर्ग | गरुड़ | ||||||
| मूस | प फ ब भ म | पवर्ग | बिलार | ||||||
| हरिण | य र ल व | यवर्ग | सिंह | ||||||
| भेंड़ | श ष स ह | शवर्ग | कुत्ता |