मुहूर्त चिन्तामणि (दैवज्ञ राम - षोडश संस्कार, यात्रा, वास्तु व गृह-प्रवेश मुहूर्त सटीक)
Muhurta Chintamani of Daivajna Rama with Commentary
दैवज्ञ राम (टीकाकार: पं. केदारदत्त जोशी) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंविवाहप्रकरण १३१ लत्तादोष ज्ञराहुपूर्णेन्दुसिताः स्वपृष्ठे भं सप्तगोजातिशरैर्मितं हि । संलत्तयन्तेऽर्कशनीज्यभौमाः सूर्याष्टतर्काग्निमितं पुरस्तात् ॥ ५९ ॥ अन्वयः—ज्ञराहुपूर्णेन्दुसिताः स्वपृष्ठे सप्तगोजातिशरैर्मितं भं संलत्तयन्ते । (तथा) अर्कशनीज्यभौमाः पुरस्तात् (अग्रे) सूर्याष्टतर्काग्निमितं भं संलत्तयन्ते ॥ ५६ ॥ बुध, राहु, पूर्ण चन्द्रमा, शुक्र ये ग्रह क्रम से अपने पिछले सातवें, नवें, बाइसवें, पाँचवें नक्षत्र को लतियाते हैं अर्थात् बुध जिस नक्षत्र में स्थित हो उससे पिछले सातवें नक्षत्र को, राहु नवें नक्षत्र को, पूर्ण चन्द्रमा बाइसवें नक्षत्र को और शुक्र पाँचवें नक्षत्र को लात से मारता है । परन्तु राहु सदा वक्री रहता है । इसलिए यदि वह अश्विनी नक्षत्र में स्थित हो तो उसका पिछला नवाँ नक्षत्र श्लेषा होता है । सूर्य, शनैश्चर, बृहस्पति, मङ्गल, ये ग्रह क्रम से अपने अगले बारहवें, आठवें, छठे, तीसरे नक्षत्र को लतियाते हैं, अर्थात् सूर्य जिस नक्षत्र में स्थित होता है उससे अगले बारहवें नक्षत्र को, शनैश्चर आठवें नक्षत्र को, बृहस्पति छठे नक्षत्र को और मङ्गल तीसरे नक्षत्र को लात से मारता है । प्रयोजन यह है कि इन नक्षत्रों में विवाह नहीं करना चाहिए; क्योंकि सूर्य की लत्ता धन का नाश और चन्द्रमा, मङ्गल, बुध, राहु इन ग्रहों की लत्ता वर-कन्या का नाश और बृहस्पति की लत्ता बंधु का नाश और शुक्र की लत्ता कार्य का नाश करती है, ऐसा वराहजी ने कहा है ॥ ५९ ॥ पातयोग हर्षणवैधृतिसाध्यव्यतिपातगण्डशूलयोगानाम् । अन्ते यन्नक्षत्रं पातेन निपातितं तत्स्यात् ॥ ६० ॥ अन्वयः—हर्षणवैधृतिसाध्यव्यतिपातगण्डशूलयोगानाम् अन्ते यत् नक्षत्रं तत् पातेन निपातितं स्यात् ॥ ६ ॥ हर्षण, वैधृति, साध्य, व्यतीपात, गंड, शूल इन योगों के समान काल में जो नक्षत्र हो वह पातदोष से दूषित किया जाता है । उदाहरण—यथा किसी दिन कृत्तिका नक्षत्र २२ दण्ड ५ पल है और हर्षण योग १९ दण्ड ९ पल है । अब यहाँ हर्षणयोग कृत्तिका नक्षत्र ही में समाप्त है, इस कारण कृत्तिका नक्षत्र पात से दूषित है । ऐसे नक्षत्र विवाहादि शुभ कार्यों में त्याज्य होते हैं । इसी पात-दोष को नारद और वशिष्ठजी ने अन्य प्रकार से कहा है