भारतकोश
मुहूर्त चिन्तामणि (दैवज्ञ राम - षोडश संस्कार, यात्रा, वास्तु व गृह-प्रवेश मुहूर्त सटीक)

मुहूर्त चिन्तामणि (दैवज्ञ राम - षोडश संस्कार, यात्रा, वास्तु व गृह-प्रवेश मुहूर्त सटीक)

Muhurta Chintamani of Daivajna Rama with Commentary

दैवज्ञ राम (टीकाकार: पं. केदारदत्त जोशी) द्वारा

DevanagariHindipublished207 पृष्ठ

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यात्राप्रकरण १७९ चतुर्दशी। धनु, कुम्भ और सिंह राशिवाले को तृतीया, अष्टमी और त्रयोदशी ये तिथियाँ घातक हैं। इस कारण यात्रा आदि में वर्जित हैं ॥ ३० ॥ घाततिथि चक्र

मे०वृ०मि०क०सिं०कं०तु०वृ०ध०म०कुं०मी०राशि
१०१०१०घात
१११५१२१२१३१५१४१११३१४१३१५तिथि

घातक वार नक्रे भौमो गोहरिस्त्रीषु मन्दश्चन्द्रो द्वन्द्वेडर्कोजभे ज्ञश्च कर्के। शुक्रः कोदण्डालिमीनेषु कुम्भजूके जीवो घातवारा न शस्ताः ॥ ३१ ॥ अन्वयः—नक्रे भौमः, गोहरिस्त्रीषु मन्दः, द्वन्द्वे चन्द्रः, अजभे अर्कः, च (तथा) कर्के ज्ञः, कोदण्डालिमीनेषु शुक्रः, कुम्भजूके जीवः, (इमे) घातवाराः न शस्ताः स्युः ॥ ३१ ॥ मकर राशिवालों को मङ्गल; वृष, सिंह और कन्या राशिवालों को शनैश्चर; मिथुन राशिवालों को सोमवार; मेष राशिवालों को रविवार; कर्क राशिवालों को बुध; धनु, मीन और वृश्चिक राशिवालों को शुक्र; तुला और कुम्भ राशिवालों को बृहस्पतिवार घातक होता है। ये यात्रा आदि शुभ कार्य में निषिद्ध हैं ॥ ३१ ॥ घातवार चक्र

मे०वृ०मि०क०सिं०कं०तु०वृ०ध०म०कुं०मी०राशि
सू०श०चं०बु०श०श०बृ०शु०शु०मं०बृ०शु०घातवार

घातक नक्षत्र मघाकरस्वातिमैत्रमूलश्रुत्यम्बुपान्त्यभम् । याम्यब्राह्मयेशसार्पञ्च मेषादेर्घातभं न सत् ॥ ३२ ॥ अन्वयः—मघाकरस्वातिमैत्रमूलश्रुत्यम्बुपान्त्यभं च (तथा) याम्यब्राह्मयेशसार्पं मेषादेः (क्रमात्) घातभं न सत् ॥ ३२ ॥ मेष राशिवालों को मघा, वृष राशिवालों को हस्त, मिथुन राशिवालों को स्वाती, कर्क राशिवालों को अनुराधा, सिंह राशिवालों को मूल, कन्या राशिवालों को श्रवण, तुला राशिवालों को शतभिष, वृश्चिक राशिवालों को रेवती, धनु राशिवालों को भरणी, मकर राशिवालों को रोहिणी, कुम्भ