मुहूर्त चिन्तामणि (दैवज्ञ राम - षोडश संस्कार, यात्रा, वास्तु व गृह-प्रवेश मुहूर्त सटीक)

मुहूर्त चिन्तामणि (दैवज्ञ राम - षोडश संस्कार, यात्रा, वास्तु व गृह-प्रवेश मुहूर्त सटीक)
Muhurta Chintamani of Daivajna Rama with Commentary
दैवज्ञ राम (टीकाकार: पं. केदारदत्त जोशी) द्वारा
DevanagariHindipublished207 पृष्ठ
पृष्ठ 6, कुल 207 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 6
( ५ )
| विषय | पृष्ठ | विषय | पृष्ठ |
|---|---|---|---|
| होरा | ११७ | उपग्रहदोष | १३३ |
| त्रिंशांश | ११८ | पातादि दोषों पर विशेष | १३३ |
| त्रिंशांशचक्र | ११८ | अशुभ अर्द्धयामचक्र | १३४ |
| द्रेष्काण | ११८ | कुलिकदोष | १३४ |
| द्रेष्काणचक्र | ११८ | कुलिकमुहूर्तचक्र | १३५ |
| द्वादशांशविधि | ११८ | दग्धातिथि | १३५ |
| द्वादशांशचक्र | १२० | दग्धातिथिचक्र | १३५ |
| षड्वर्ग | १२० | जामित्रदोष | १३५ |
| नक्षत्रों की पूर्वार्धयोगि आदि संज्ञा और उनका फल | १२० | एकार्गल आदि दोषों का परिहार | १३६ |
| स्वामी और सेवक के जन्मनक्षत्र का विचार | १२१ | देशभेद से उक्त दोषों का परिहार | १३६ |
| गण्डान्त का दोष | १२१ | दश दोष | १३६ |
| कर्तरीदोष | १२२ | उक्त दश दोषों का फल | १३७ |
| संग्रहदोष | १२३ | दक्षिण देशों में प्रसिद्ध बाणदोष | १३८ |
| अष्टम स्थान का दोष और उसका परिहार | १२३ | अन्य बाणदोष | १३८ |
| अन्य परिहार | १२३ | बाणदोष का परिहार | १४० |
| आठवीं राशि के नवांशादि और बारहवीं राशि का दोष | १२४ | ग्रहों की दृष्टि | १४० |
| विषघटी दोष | १२४ | लग्नस्थान की शुद्धि | १४१ |
| दिन के पन्द्रह मुहूर्त | १२६ | लग्न से सातवें भाव की शुद्धि | १४२ |
| रात्रि के पन्द्रह मुहूर्त | १२६ | अन्य प्रकार से लग्न और सातवें भाव की शुद्धि | १४२ |
| आदित्यादि वारों में निषिद्ध मुहूर्त | १२७ | सूर्यसंक्रान्ति का दोष | १४३ |
| विवाह के नक्षत्र और अभिजित् नक्षत्र का मान | १२७ | सूर्यादि ग्रहों की संक्रान्तियों में निषिद्ध काल | १४३ |
| ग्रहों द्वारा नक्षत्रों का वेध | १२८ | पंगु और आन्धादि लग्नदोष | १४३ |
| सप्तशलाकाचक्र में ग्रहों द्वारा नक्षत्रों का वेध | १२६ | मतान्तर से पंगु आदि दोष | १४४ |
| सप्तशलाकाचक्र | १३० | पंग्वादि लग्नों का फल | १४४ |
| क्रूरग्रहों से बिद्ध नक्षत्रों का दोष और उसका परिहार | १३० | शुभनवांश | १४५ |
| लत्तादोष | १३१ | विहित नवांशों में भी किसी का निषेध | १४५ |
| पातयोग | १३१ | सर्वथा लग्नभङ्ग योग | १४५ |
| क्रान्तिसाम्ययोग | १३२ | विवाहकालिक शुभग्रह | १४६ |
| एकार्गलदोष | १३२ | कर्तरी आदि महादोषों का परिहार | १४६ |
| वर्षा आदि अनेक दोषों का परिहार | १४७ | ||
| अन्य दोषों का परिहार | १४७ | ||
| सामान्य दोषों का परिहार | १४७ |