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मुकुन्दमाला स्तोत्रम् (कुलशेखर आलवार - संस्कृत मूल एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या)

मुकुन्दमाला स्तोत्रम् (कुलशेखर आलवार - संस्कृत मूल एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या)

Mukundamala Stotram of Kulasekhara Alwar with Commentary

कुलशेखर आलवार (राजा कुलशेखर) द्वारा

DevanagariHindipublished167 पृष्ठ

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मुकुन्दमाल 107 स्वामि : ना दयास्वभावमुचेतनो, पुरुषकारमुचेतनो, रक्षिञ्चु टकु सम्मतिञ्चॆदनुगानि नाकु शक्तियुण्डवलदा? कुल : स्वामी! नीवु कंसांतकुडवुगदा! शिष्टुलनु कापाडि दुष्टुलनु संहरिञ्चुटकु शक्तिगलिगियुन्नावु. अदियुनु गाक कामक्रोध रागद्वेषमुलनु परिहरिञ्चुवाडवु. स्वामि : नेनु रक्षिम्पगलिगिनवाडने, अयिननु ने ना गुणमुलनु अनुष्ठानमुनकु तॆच्चुकॊनलेदु. अत्लॆवरिनैननु रक्षिञ्चि युण्डिन यॆडल तॆलुपवच्चुनु. कुल : स्वामी! मनुष्युडनै युण्डु नन्नु गापाडुमाट अतुण्डनिम्मु. गजेन्द्रुनि कापाडियुण्डलेदा? स्वामि : नेनु वैकुण्ठमुन नुण्डुवाडनु. अन्दुचेत ना कृप नॆत्लु वॆल्लडिचेयगलनु? कुल : स्वामी! नीवु माधवूडवु कदा! (मधुवंशमुन पुट्टि नवाडवु. माधवा यनगा यादवा अनि यर्थमु). नी वीलोकमुन नवतरिञ्चि युण्डुटचेत रक्षिम्पगलुगुदुवु. मत्तः परतरं नान्यत् किञ्चि दस्ति धनञ्जय, मयि सर्वमिदं प्रोतं सूत्रे मणिगणा इव. भगवद्गीत 7. 7श्लोक अवले नीवु सकलमुनु धरिञ्चुवाडवु. स्वामि : नि न्नोक्कनि कापाडगलनु. अनेकुलयोक्क आपदलनु निवा रिञ्चि शत्रुवुलबाडिनुण्डि वारिनि विडिपिञ्चि रक्षिञ्चुटकु ने नोक्कडने समर्थुड नगुदुना? कुल : स्वामी! नीवु रामानुजुडवु कदा! नीवु श्री वैकुं ठमुननुण्डु नपुडु भक्तुलनु गैनॊनि रक्षिन्तुवु. भक्त विरोधुलु वच्चिरेनि आदिशेषा! वारिनि नॊञ्चुकॊम्मुन्दुवु. नीकु सहायुलु लेरनि यॆत्लु चॆप्पगलवु?

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