भारतकोश
मुकुन्दमाला स्तोत्रम् (कुलशेखर आलवार - संस्कृत मूल एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या)

मुकुन्दमाला स्तोत्रम् (कुलशेखर आलवार - संस्कृत मूल एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या)

Mukundamala Stotram of Kulasekhara Alwar with Commentary

कुलशेखर आलवार (राजा कुलशेखर) द्वारा

DevanagariHindipublished167 पृष्ठ

पृष्ठ 130, कुल 167 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 130

मुकुन्दमाल १२३ कुल : स्वामी! नन्नु नीतो चेरिनवाड ननि तलंपुमु. स्वामि : अट्लु तलंचुटकु वीलुपडदु. नेनु उच्चस्थितियं दुन्दुवाडनु. नीवु नीचस्थितियं दुन्दुवाडवु. अधमाधमस्थितियं दुन्दु नीकु ई प्राप्ति कलुगुना? कुल : स्वामी! नीतो चेरिन वाडननि तलंपवलदु. नी भृत्यु लतो सममनि तलंपुमु. स्वामि : अदियैननु अगुना? कुल : नी यिंटि भृत्युनिकि, वानि भृत्युनकु, इट्ले अवरभृत्यु नकु क्रिंदिवाड़नयि येडव भृत्युडनुग नुन्नाडननि तलंपुमु. भगवंतुनियंदु उच्चत्वानुसंधानमुनु, तनयंदु नीचत्वा नुसंधानमुनु उंडवलयुनु. शेषशेषि भाव मुंडवलयुनु. अतडु सर्वशेषि. नेनु शेषभूतुडनु अनि ज्ञापकमुंचुकोनवलेनन. वानिकंटे हेच्चैनदि लेदु. नाकंटे तग्गिनदि लेदु अनुकोनवलयुनु. अट्लु तलचुनपुडु ऐदुमेट्लु क्रिंदकु दिगवलयुनु. अतडु सर्वलोकनाथु डगुटचेत अतनि कनेक परिचारकुलुंदुरु. वसिष्ठवामदेवादुलु, नार दादुलु, सनकादुलु, इंद्रुडु, चंद्रुडु, ब्रह्मदेवुडु मोदलगु परिचारकु लुन्नारु. नेनु वारितो समुड नगुदुना? ऐदुवेल यिंतलु तग्गिंचिननु नेनु समानुड नगुदुना अनि तलंपवलेनन. ऐदंतस्तुलु दिगि तानु दासु डनुकोनिन येडल मिगुल शेषत्वानु संधानमु चूपिनटु लगुनु. यमकिंकर संवादमुनु सेलविच्चिन तिरुमळिशै आळ्वारुलु भगवंतु नाश्रयिंप बनिलेदु. भगवद्भक्ति युंडबनिलेदु. भगवदितरुनि आश्रयिंपकुंडिन चालुनु. मीरु वारियॊद्दकु पोकडनि यमुडु यमदूतल काज्ञापिंचेननिरी. क्रॊत्तग कापुरमुनकु वच्चिन चिन्न दानिकि पतिभक्ति लेकुन्ननु दोषमुलेदु. आ भक्ति क्रममुग कलुगुनु. इंटिकि वच्चिन तोडने पोरुगिंटि वानिपै कन्नुलु वेयकुंडिन चालुनु.