भारतकोश
मुकुन्दमाला स्तोत्रम् (कुलशेखर आलवार - संस्कृत मूल एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या)

मुकुन्दमाला स्तोत्रम् (कुलशेखर आलवार - संस्कृत मूल एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या)

Mukundamala Stotram of Kulasekhara Alwar with Commentary

कुलशेखर आलवार (राजा कुलशेखर) द्वारा

DevanagariHindipublished167 पृष्ठ

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पृष्ठ 158

152 मुकुन्दमाल वत्सलुडगु स्वामि प्रत्यक्षमै पुत्रुडु कल्गुनानि वरमिच्चेनु. मनुष्युल गुఱिंचि चेप्पनप्पुडु भक्तिनि प्रशंसिंप वलयुनु. भगवन्तुनि गुఱिंचि चेप्पनप्पुडु भक्तवात्सल्यमुनु गूर्चि प्रशंसिंपवलेनु. भगवद्भक्तियुक्तु डगु दृढव्रतुनकु भक्तवत्सलुडगु स्वामि वर मिय्यगा कलियुगमु 28संवत्सरमगु पराभवयन्दु मासि लेक कुम्भमासमुन पुनर्वसु नक्षत्रयुतमगु दशमीगुरुवारमुन कौस्तुभांश यन्दु दशरथुनकु श्रीरामचन्द्रुनिवले कुलशेखरुलु अवतरिंचिरि. वारु कुलमुनकु शेख रुलु अनगा चेरकुलमुनकु अलङ्कारुलु. आ संगति तेलिसिये पेद्दलु वारि कापेरु पेट्टिरि. सकालमुन उपनयन विद्याभ्याससुलु काविंचिरि. कौस्तुभांशजुलगु कुलशेखरुलु सर्वमु तेलिसिनवा रय्युन्नु व्याजमुग विद्य गुरुनि यॊद्द ग्रहिंचिरि. गुरुमुखमुग नेर्ववलयुननि उपनिषत्तुल्, ब्रह्मसूत्रमुलु चेप्प चुन्नवि. कुलशेखरुलु गुरुवुनु साक्षिगा नुंचुकोनि वेदमुलन्दुनु सर्वशास्त्रमु लन्दुनु प्रवीणुलयिरि. क्षत्रियुलुगान धनुर्विद्ययम् दुनु प्रावीण्ममु गलिगियुंडिरि. धनुर्विद्यापारंगतु डगुटचेत कुलशे खरुलु सर्वत्र दिग्विजमयमु चेसिकोनि रावलयुननियु, सकलराजुलुनु कानुकलु देच्चि तंड्रि पादमुलन्दु समर्पिंप वलयु ननियु, पुत्रुडै पुट्टिनन्दुकु अत्लु चेयुट तम विधियनियु तलचि तंड्रि याज्ञ्गॊनि रथगजतुरग पदातिसैन्यमुलतोड बयलुदेरिपोयि जयल क्ष्मीतोड वच्चि चेरिरि. कुलशेखरुलु दिग्विजममु चेसि रागा दृढव्रतु डतనికి यौवराज्य पट्टाभिषेकमु चेसेनु. कुलशेखरुलु तंड्रि यनुमतिचे युवराजै युन्डि श्रीरामचं द्रुनि वले दुष्ट निग्रहमु, शिष्टपालनमु चेयुचुंडेनु. दृढ व्रतुडु तन पुत्रुनि अमानुष वैभवमुनु, तन वयसुनु दलचि अतనికి साम्राज्य पट्टाभिषेकमु गाविंचि सकलमु नॊसगि वनमुन केगॆनु.

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