भारतकोश
मुकुन्दमाला स्तोत्रम् (कुलशेखर आलवार - संस्कृत मूल एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या)

मुकुन्दमाला स्तोत्रम् (कुलशेखर आलवार - संस्कृत मूल एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या)

Mukundamala Stotram of Kulasekhara Alwar with Commentary

कुलशेखर आलवार (राजा कुलशेखर) द्वारा

DevanagariHindipublished167 पृष्ठ

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१८ मुकुन्दमाल पोवगने अन्तःकरणशुद्धियै श्रवणेच्छ कलुगुनु. अटुपिम्मट श्रवण मननादुलु लभिञ्चि ज्ञानमु कल्गुनु. ज्ञानमु चेत भक्ति कलिगि साक्षात्का- रमु गलुगुनु. अन्दुचेत भगवन्नाममु प्रथमसाधनमै युन्नदि. ३व आयिरं १, २, ३ तिरुवन्दादुलन्दु पोय्‍गै याऴ्वार्लुनु, पूदत्ताऴ्वार्लुनु, पेयाऴ्वार्लुनु इदे यर्थमुनु देलिपिरि. भगवन्तुनि ज्ञान भक्ति वैराग्यमु लिम्मनि अडुगबनिलेदु. प्रथम साधनमु निम्मुनि यडिगिन चालुनु. भगवन्तुनियन्दु साधन भक्ति सल्पिन येडल -- ब्रह्मभूतः प्रसन्नात्मा न शोचति न काङ्क्षति, समः सर्वेषु भूतेषु मद्भक्तिं लभते पराम्. -- गीत. 18.54 अन्न चन्दमुन साध्य भक्ति कलुगुनु. पिम्मट परोक्षज्ञानमुगल्गि अदि मुदिरि अपरोक्षज्ञानमु जनिञ्चि अत्यन्त भक्ति यॊदवि मोक्षमु लभिञ्चुनु. न मां दुष्कृतिनो मूढाः प्रपद्यन्ते नराधमाः, माययापहृत ज्ञाना आसुरं भाव माश्रिताः, -- गीत. 7.15 अनु रीति जन्मान्तरपापमुचेत भगवन्तुनि दलंपरु. अन्दु चेतने भगवन्नामस्मरण चेयवलॆनु. भगवन्नामोच्चारणचेत पापमु वीडुना यनिन, इतरप्रायश्चित्तमु लेल चेयबडुचुन्नवि? पाप परिहा- रमुनके गदा शास्त्रमुलं दी या पापमुन की या प्रायश्चित्तमनि तेलुपबडियुण्डुनु? मनमु मनसुचेत चेयुचुण्डु पापमुलके मितिलेदु. इत्लु गुटचेत मन मिक नेन्नि प्रायश्चित्तमुलनु गाविञ्चुकॊनगलमु? ऒक पापपरिहारार्थमु प्रायश्चित्तमुजेय नारम्भिञ्चिति मेनि मन्त्र

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