भारतकोश
मुकुन्दमाला स्तोत्रम् (कुलशेखर आलवार - संस्कृत मूल एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या)

मुकुन्दमाला स्तोत्रम् (कुलशेखर आलवार - संस्कृत मूल एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या)

Mukundamala Stotram of Kulasekhara Alwar with Commentary

कुलशेखर आलवार (राजा कुलशेखर) द्वारा

DevanagariHindipublished167 पृष्ठ

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मुकुन्दमाल १७ संरक्षणमु अनगा तन्नु कापाडुकॊनु विषयमुन तनके भार ुन्नदनि तलचुट. अत्लु तलचरादु. भरन्यासमु चेयवलॆनु. ఁगा तन भारमु भगवंतुनि तलपै वेयवलयुनु. चेतुलॆत्ति शर' गतिचेसिन द्रौपदिनि स्वामि कापाडॆननि चॆप्पबडॆनु. स्वकर्तृत्वमु, भोक्तृत्वमु इत्यादिदोषमुलु पोवुनु. जन्म मरणमुलु तऱुचुग ुगुचुंडुटचेत कैंकर्यमुनकु हानि कल्गुनु. भगवन्नाममु, अवि च्छिन्न भगवत्कैंकर्यमु लभिंचुटकै वैकुंठमु निच्चुनु. शाश्वतमैन च्छिन्नमैन सुखमु निच्चि मोक्षसाम्राज्य मिच्चुनु. प्रकृतिबंधमु गने अविच्छिन्न कैंकर्याानुकूलमैन बलमु कलुगुनु. स्वरूपानुरू पग नन्नियु निच्चुनु. तंड्रियेदि चेयनगुनो दानिने चेयुनु. तल्लि यं दधिकप्रीतिचेत चेयगूडनि दानिनि कूड नंगीकरिंचुनु. अट्ले वन्नाममु परमपदमुनु जेर्चि मुक्तानंदमु निच्चि विधिप्रकारमु ियुनु कलिगिंचि यितर वांछा लेवियैननु नुंडिन तीर्चुनु. इट्लु कारानुसारमुग फलमु निच्चुनदि भगवन्नाममु. इट्टिदानिनि -- बहूनां जन्मनामन्ते ज्ञानवान् मां प्रपद्यते, वासुदेव स्सर्व मिति स महात्मा सुदुर्लभः. -- गीत. 7.19 अनुनट्लु अनेक जन्ममुलकु पिम्मट कनुगॊंटिननि 'वाडिनेन्' पाशुरमुन तिरुमंगयाळ्वारुलु चॆप्पिरि. ज्ञानभक्ति वैराग्यमुलनु गलिगिंचि भगवंतुनि वलन गॊप्पपदविनि द नर्हुलनु गाविंचुनदि भगवन्नाममु. ऎल्लवारिकिनि कावलसियुं डि सुखमु. आ सुख मनुभविंचुटकु भगवत्कृप कावलयुनु. त्कृप गलुगुटकु भक्ति युंडवलॆनु. भक्ति कल्गुटकु ज्ञानमुंड नु. ज्ञानमुनकु श्रवणमु चेयवलयुनु. श्रवणमुनकु इच्छ ुंडवलॆनु. आ यिच्छ गलुगुटकु प्रतिबंधक पापपरिहारमु काव भगवन्नामस्मरण चेसिनटुलैन तत्पापहर मगुनु. पापमु

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