भारतकोश
मुकुन्दमाला स्तोत्रम् (कुलशेखर आलवार - संस्कृत मूल एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या)

मुकुन्दमाला स्तोत्रम् (कुलशेखर आलवार - संस्कृत मूल एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या)

Mukundamala Stotram of Kulasekhara Alwar with Commentary

कुलशेखर आलवार (राजा कुलशेखर) द्वारा

DevanagariHindipublished167 पृष्ठ

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16 मुकुन्दमाल परमपदमु निच्चुनु. कृपतो goप्पपदवि निच्चुनु. शक्तिनिच्चुनु. चेप्पनि इतरमुलैनवानि नन्निटि निच्चुनु. कन्नतल्लि कण्टॆनु मेलैन हितमुलनु चेयुनु. कैङ्कर्यश्री निच्चुनट्टि यी तिरुनाममुनु नेडु कनुगोंटिनि. इट्‍टि कारणमुलचेत भगवन्नाम प्रभावमु तॆलियुचुन्नदि. पै कोरिकलनु गोरुवारु पामरुलै युन्दुरु. अट्‍टिवारिके भगवन्नाम मुतो पनियुण्डुनु. ज्ञानुलु तम कॆट्‍टि यिडुमुलु प्राप्तिञ्चिननु तत्परिहारमुनु गोररु. ज्ञानियगु इन्द्रद्युम्नमहाराजुनकु गजजन्ममु वच्चिननु दुःखिम्पक तन यपचारमुनकु प्रतिफल मनुभविञ्चुट युक्तमे यनि तलञ्चॆनु. अटुलैन भगवन्तु नेल पिलिचे ननगा शरीरश्रममु परिहारमु कावलयुननि पिलुवलेदु. कॊलनिलो पूचि युण्डिन तामरपुव्‍वुनु जूचि जन्मान्तरमुन ता नट्‍टि पुष्पमुलतो भगवन्तु नाराधिञ्चुट तलम्पुनकु वच्चि पुष्पमुनु तॊण्डमुन नुञ्चुकोनि स्वामिकि समर्पिम्प गोरि पिलिचेनु. इट्लनि नम्माळ्वारु लानतिच्चिरि. इन्दुचे ज्ञानुलकु कुलमु मॊदलगु वानिതോ पनियुण्डदु. इक भगवन्नाममुతో वारि केमि पनियनिन "कुलन्तरुं" अनु पाशुरमुनकु वे रर्थमु गलदु. ज्ञानुल विषयमुन कुलमेदि यनगा भगवच्छेषत्वज्ञानमु गलुगुट. भगवन्तुडु शेषि; नेनु शेषभूतुडनु अनु भावमुण्डु वाडे कुलमु गलवाडु. भगवन्नामोच्चारण इट्‍टि ज्ञानमुनु कलिगिञ्चुनु. ऐश्वर्य मेदि यनगा श्रीमद्रामायणमुन "लक्ष्मणो लक्ष्मिवर्धनः"-भार्यनु राज्य मुनु वदलिन वाडैननु श्रीरामकैङ्कर्य मनु सम्पदతో गूदियुण्डुवा डगुटचेत लक्ष्मणूडु लक्ष्मिवर्धनु डनबडॆनु. अत डयोध्ययन्दे उण्डि युण्डिनचो श्रीरामकैङ्कर्य सम्पद लभिञ्चियुण्डदु. • पॆद्दलु कोरू सम्पद कैङ्कर्य मनु सम्पद लभिम्पगने वारियॊक्क कष्टमुलु तीरिपोवुनु. नेनु अनु देहात्माभिमानमु, स्वस्वातंत्र्यमु. अन्यशेषत्वज्ञा नमु अनगा भगवन्तुनियन्दु मఱियॊकरियन्दु प्रेमयुञ्चुट,