भारतकोश
मुकुन्दमाला स्तोत्रम् (कुलशेखर आलवार - संस्कृत मूल एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या)

मुकुन्दमाला स्तोत्रम् (कुलशेखर आलवार - संस्कृत मूल एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या)

Mukundamala Stotram of Kulasekhara Alwar with Commentary

कुलशेखर आलवार (राजा कुलशेखर) द्वारा

DevanagariHindipublished167 पृष्ठ

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32 मुकुन्दमाल सृष्टिश्चेदवु. अत्लु सृष्टिंचु नपुडु श्रेष्ठतरमैन जन्ममु निम्मनि यडिगिननु नी विच्चेदवु. लेक जन्ममे कलुगकुण्ड चेतुवु. ने नेमो अत्लडुगनु. स्वामी : एन्दुचेत नडुगवु? कुल : स्वामी! अत्लडिगितिनेनि निन्नु मिक्किली श्रमपेत्तवलसि वच्चुनु. पोट्टपोडिचिननु पोडि यक्षरमु लेनिवाडु दयाळुडगु प्रभुनि कडकेगि गोप्प युद्योग मिप्पिंचु मनि यडुगनगुना? अत्ले कुक्क, गाडिद मोद लगु हीनजन्ममुलकु तगिन नन्नु जन्मरहितुनिग जेयुमनियु, लेक उत्तम जन्मूनिग जेयुमनियु अडुगरादु. इट्टिवानि नट्टिवानिग जेयवलयुनेनि नीवु योचिंचवलसियुण्डुनु. ना योग्यत नाके तेलिसि युन्नदि. ए जन्ममुवच्चिननु नी यनुग्रहमुन नी पादारविन्दमुनु मऱवकुण्डवलयुनु. नी वी कार्यमु चेयुटलो नी शासनमुनु तप्पि नडववल सियुण्डदु. (भागवतमुलो ब्रह्मा कृष्णमूर्ति नुद्देशिंचि "स्वामी! नेनु प्रकृ तिबद्धुडनु. अपचारपडितिनि. ई यपराधमुनकु शिक्षग ए जन्ममु वच्चिननु रानिम्मु. गोप्प यधिकारमु गलवाड नय्यु्नु दोषिनै युन्नानु. ना कत्लु हीनजन्ममु वच्चिननु नी भक्त कोटिलो अधम भक्तुडनै युण्डि निन्नु मऱवकुन्दुनु गाक! ई भाग्यमु लभिंचिन चालुनु" अनि वेडेनु. ब्रह्मदेवुनि वंटिवाडु अडिगिन यर्थमु प्रका रमु कुलशेखरुलु अडिगिरि.)

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