मुकुन्दमाला स्तोत्रम् (कुलशेखर आलवार - संस्कृत मूल एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या)
Mukundamala Stotram of Kulasekhara Alwar with Commentary
कुलशेखर आलवार (राजा कुलशेखर) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें50 मुकुन्दमाल नुण्डुनपुडु तलचिरेनि वारिनि ज्ञप्तियं दिडुकॊनि अन्त्यकालमुन वारि यॊद्दकु वच्चॅद नण्टिवि. भागवतमुन कपिलदेवहूति संवाद मुन मरणकालमुनन्दु बन्धुवुलु मॊदलगु वारिचेत पीडिम्पबडु टकु मुन्दे स्वामिनि स्मरिञ्चवलयुननि चॅपबडॅनु. कान निपुडे स्मरणमुनु कलिगिञ्चवलयुनु. पॅरियाऴ्वार् तिरुमॊऴि 4पत्तु 10ति.मॊ 1पाशुरमु. तुप्पु डयारै अनु पाशुरमुन अप्पोदु किप्पोदे शॊल्लिवैत्तेन्=अनगा, मरणकालमुनकैन यिपुडे चॅप्पुचुन्नाननि चॅपबडॅनु. 8 चिन्तयामि हरिमेव सन्ततं मन्दमन्द हसिताननाम्बुजम्, नन्दगोपतनयं परात्परं नारदादिमुनिबृन्द वन्दितम्. नन्दगोपतनयं=नन्दुनिकि सुतुडुनु, परात्परं=मिक्किलि श्रेष्ठु डुनु, नारद+आदि=नारदुडु मॊदलुगागल, मुनिबृन्द=मुनुलस मूहमुचेतनु, वन्दितम्=नमस्करिम्पबडुवाडुनु, मन्द मन्दह सित=मिक्किलिस्वल्पमैन चिऱुनगवुगल, आनन+अम्बुजं=कमलमुवण्टि मोमुगलवाडुनेन, हरिमेव=श्रीमहाविष्णुने, चिन्तयामि=तलञ्चु चुन्नानु. मन्दस्मितमुतो गूडिन मुखपद्ममु गलवाडुनु, नन्दगोपुनि कुमारुडुनु, परात्परुडुनु, नारदादि मुनिसमूहमुचेत सेविम्प बडिनवाडुनु अगु हरिने सदा ध्यानिञ्चॅदुनु.