भारतकोश
मुण्डकोपनिषद् (शाङ्करभाष्य सहित)

मुण्डकोपनिषद् (शाङ्करभाष्य सहित)

Mundaka Upanishad Shankara Bhashya

आदि शङ्कराचार्य द्वारा

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श्रीहरिः

विषय-सूची


विषयपृष्ठ
१. शान्तिपाठ......

प्रथम मुण्डक

प्रथम खण्ड

विषयपृष्ठ
२. सम्बन्धभाष्य......
३. आचार्यपरम्परा......
४. शौनककी गुरूपसत्ति और प्रश्न......
५. अङ्गिराका उत्तर—विद्या दो प्रकारकी है......११
६. परा और अपरा विद्याका स्वरूप......१२
७. परविद्याप्रदर्शन......१५
८. अक्षरब्रह्मका विश्वकारणत्व......१८
९. सृष्टिक्रम......१९
१०. प्रकरणका उपसंहार......२१

द्वितीय खण्ड

विषयपृष्ठ
११. कर्मनिरूपण......२३
१२. अग्निहोत्रका वर्णन......२६
१३. विधिहीन कर्मका कुफल......२७
१४. अग्निकी सात जिह्वाएँ......२९
१५. विधिवत् अग्निहोत्रादिसे स्वर्गप्राप्ति......३०
१६. ज्ञानरहित कर्मकी निन्दा......३२
१७. अविद्याग्रस्त कर्मठोंकी दुर्दशा......३४
१८. ऐहिक और पारलौकिक भोगोंकी असारता देखनेवाले पुरुषके लिये संन्यास और गुरूपसदनका विधान......३९
१९. गुरुके लिये उपदेशप्रदानकी विधि......४२