नागानन्दम् (सम्राट हर्षवर्धन - संस्कृत मूल एवं हिन्दी व्याख्या)
Nagananda Nataka of Emperor Harsha with Commentary
सम्राट हर्षवर्धन द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंपात्र-परिचय १. जीमूतवाहन = नायक – विद्याधर राजकुमार। २. विदूषक = आत्रेय नामक, नायक का मित्र। ३. जीमूतकेतु = नायक के पिता, विद्याधरराज। ४. वृद्धा = नायक की माता। ५. मलयवती = नायिका—सिद्धराज विश्वावसु की कन्या। ६. चतुरिका ७. मनोहरिका } = चेटियां। ८. शेखरक = शराबी विट। ६. नवमालिका = नौकरानी; विट की प्रेयसी। १०. चेट = विट का नौकर। ११. पल्लविका = उद्यान पालिका। १२. सुनन्द = प्रतिहार, विश्वावसु के घर का नौकर। १३. कञ्चुकी = वसुभद्र नामी, अन्तः पुर का वृद्ध अधिकारी। १४. शङ्खचूड़ = एक नाग। १५. वृद्धा = शङ्खचूड़ की माता। १६. मित्रावसु = मलयवती का भाई। १७. गौरी = पार्वती जी। १८. किङ्कर = नागराज वासुकि का नौकर। १६. गरुड = पक्षिराज, सांपों का शत्रु। २०. तापस = शाण्डिल्य नामक मुनि। ( ३३ )