संक्षिप्त नारद पुराण

संक्षिप्त नारद पुराण
Sankshipt Narada Purana
महर्षि वेदव्यास द्वारा
स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press Gorakhpur (उद्गम)
DevanagariHindipublished770 पृष्ठ
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| विषय | पृष्ठ-संख्या | विषय | पृष्ठ-संख्या |
|---|---|---|---|
| चतुर्थ पाद | उसके पाठ, श्रवण तथा दानका माहात्म्य...................................... | ५४३ | |
| ६९- नारद-सनातन-संवाद, ब्रह्माजीका मरीचिको ब्रह्मपुराणकी अनुक्रमणिका तथा उसके पाठ-श्रवण एवं दानका फल बताना .................................. | ५२१ | ८४- मत्स्यपुराणकी विषय-सूची तथा इस पुराणके पाठ, श्रवण और दानका माहात्म्य ....................................... | ५४४ |
| ७०- पद्मपुराणका लक्षण तथा उसमें वर्णित विषयोंकी अनुक्रमणिका .................... | ५२३ | ८५- गरुडपुराणकी विषय-सूची और पुराणके पाठ, श्रवण और दानकी महिमा ........ | ५४५ |
| ७१- विष्णुपुराणका स्वरूप और विषयानुक्रमणिका ............................. | ५२४ | ८६- ब्रह्माण्डपुराणका परिचय, संक्षिप्त विषय-सूची, पुराण-परम्परा, उसके पाठ, श्रवण एवं दानका फल ............................ | ५४६ |
| ७२- वायुपुराणका परिचय तथा उसके दान एवं श्रवण आदिका फल ................. | ५२५ | ८७- बारह मासोंकी प्रतिपदाके व्रत एवं आवश्यक कृत्योंका वर्णन ............. | ५४८ |
| ७३- श्रीमद्भागवतका परिचय, माहात्म्य तथा दान-जनित फल........................... | ५२६ | ८८- बारह मासोंके द्वितीया-सम्बन्धी व्रतों और आवश्यक कृत्योंका निरूपण ....... | ५५१ |
| ७४- नारदपुराणकी विषय-सूची, इसके पाठ, श्रवण और दानका फल .................. | ५२८ | ८९- बारह महीनोंके तृतीया-सम्बन्धी व्रतोंका परिचय ....................................... | ५५२ |
| ७५- मार्कण्डेयपुराणका परिचय तथा उसके श्रवण एवं दानका माहात्म्य............... | ५२९ | ९०- बारह महीनोंके चतुर्थी-व्रतोंकी विधि और उनका माहात्म्य ...................... | ५५३ |
| ७६- अग्निपुराणकी अनुक्रमणिका तथा उसके पाठ, श्रवण एवं दानका फल............. | ५३० | ९१- सभी मासोंकी पञ्चमी तिथियोंमें करनेयोग्य व्रत-पूजन आदिका वर्णन ................ | ५५७ |
| ७७- भविष्यपुराणका परिचय तथा उसके पाठ, श्रवण एवं दानका माहात्म्य ........ | ५३१ | ९२- वर्षभरकी षष्ठी तिथियोंमें पालनीय व्रत एवं देवपूजन आदिकी विधि और महिमा ........................................ | ५५९ |
| ७८- ब्रह्मवैवर्तपुराणका परिचय तथा उसके पाठ, श्रवण एवं दान आदिकी महिमा . | ५३२ | ९३- बारह मासोंके सप्तमी-सम्बन्धी व्रत और उनके माहात्म्य ........................ | ५६१ |
| ७९- लिङ्गपुराणका परिचय तथा उसके पाठ, श्रवण एवं दानका फल ................. | ५३३ | ९४- बारह महीनोंकी अष्टमी-सम्बन्धी व्रतोंकी विधि और महिमा .......................... | ५६४ |
| ८०- वराहपुराणका लक्षण तथा उसके पाठ, श्रवण एवं दानका माहात्म्य ............. | ५३४ | ९५- नवमी-सम्बन्धी व्रतोंकी विधि और महिमा ........................................ | ५६८ |
| ८१- स्कन्दपुराणकी विषयानुक्रमणिका, इस पुराणके पाठ, श्रवण एवं दानका माहात्म्य....................................... | ५३५ | ९६- बारह महीनोंके दशमी-सम्बन्धी व्रतोंकी विधि और महिमा .......................... | ५७० |
| ८२- वामनपुराणकी विषय-सूची और उस पुराणके श्रवण, पठन एवं दानका माहात्म्य....................................... | ५४२ | ९७- द्वादश मासके एकादशी-व्रतोंकी विधि और महिमा तथा दशमी आदि तीन दिनोंके पालनीय विशेष नियम ........... | ५७२ |
| ८३- कूर्मपुराणकी संक्षिप्त विषय-सूची और |