भारतकोश
संक्षिप्त नारद पुराण

संक्षिप्त नारद पुराण

Sankshipt Narada Purana

महर्षि वेदव्यास द्वारा

स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press Gorakhpur (उद्गम)

DevanagariHindipublished770 पृष्ठ

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५१० * संक्षिप्त नारदपुराण *


३९४. गर्गाचार्यः=गर्गमुनिको आचार्य बनानेवाले, ३९५. सत्यगतिः=सत्यसे ही प्राप्त होनेवाले, ३९६. धर्माधारः=धर्मके आश्रय, ३९७. धराधरः=पृथ्वीको धारण करनेवाले।

३९८. द्वारकामण्डनः=द्वारकाको सुशोभित करनेवाले, ३९९. श्लोक्यः=यशोगानके योग्य, ४००. सुश्लोकः=उत्तम यशवाले, ४०१. निगमालयः=वेदोंके आश्रय, ४०२. पौण्ड्रकप्राणहारी= मिथ्या वासुदेवनामधारी पौण्ड्रकके प्राण लेनेवाले, ४०३. काशिराजशिरोहरः= काशिराजका सिर काटनेवाले।

४०४. अवैष्णवविप्रदाही=अवैष्णव ब्राह्मणोंको, जो यदुवंशियोंके प्रति मारणका प्रयोग कर रहे थे, दग्ध करनेवाले, ४०५. सुदक्षिणभयावहः=काशिराजके पुत्र सुदक्षिणको भय देनेवाले, ४०६. जरासन्धविदारी=भीमसेनके द्वारा जरासन्धको चीर डालनेवाले, ४०७. धर्मनन्दनयज्ञकृत्=धर्मपुत्र युधिष्ठिरका यज्ञ पूर्ण करनेवाले।

४०८. शिशुपालशिरश्छेदी=शिशुपालका सिर काटनेवाले, ४०९. दन्तवक्त्रविनाशनः=दन्तवक्त्रका नाश करनेवाले, ४१०. विदूरथान्तकः=विदूरथके काल, ४११. श्रीशः=लक्ष्मीके स्वामी, ४१२. श्रीदः=सम्पत्ति देनेवाले, ४१३. द्विविदनाशनः=बलभद्ररूपसे द्विविद वानरका नाश करनेवाले।

४१४. रुक्मिणीमानहारी=रुक्मिणीका अभिमान दूर करनेवाले, ४१५. रुक्मिणीमानवर्धनः=रुक्मिणीका सम्मान बढ़ानेवाले, ४१६. देवर्षिशापहर्ता=देवर्षि नारदका शाप दूर करनेवाले, ४१७. द्रौपदीवाक्यपालकः=द्रौपदीके वचनोंका पालन करनेवाले।

४१८. दुर्वासोभयहारी=दुर्वासाका भय दूर करनेवाले, ४१९. पाञ्चालीस्मरणागतः=द्रौपदीके स्मरण करते ही आ पहुँचनेवाले, ४२०. पार्थदूतः=कुन्तीपुत्रोंके दूत, ४२१. पार्थमन्त्री=कुन्तीपुत्रोंके मन्त्री (सलाहकार), ४२२. पार्थदुःखौघनाशनः=कुन्तीपुत्रोंके दुःखसमुदायका नाश करनेवाले।

४२३. पार्थमानापहारी=कुन्तीपुत्रोंका अभिमान दूर करनेवाले, ४२४. पार्थजीवनदायकः= कुन्तीपुत्रोंको जीवन देनेवाले, ४२५. पाञ्चालीवस्त्रदाता= कौरवोंकी सभामें द्रौपदीको वस्त्रराशि अर्पण करनेवाले, ४२६. विश्वपालकपालकः=विश्वकी रक्षा करनेवाले देवताओंके भी रक्षक।

४२७. श्वेताश्वसारथिः=श्वेत घोड़ोंवाले अर्जुनके सारथि, ४२८. सत्यः=सत्यस्वरूप, ४२९. सत्यसाध्यः=सत्यसे ही प्राप्त होने योग्य, ४३०. भयापहः=भक्तोंके भयका नाश करनेवाले, ४३१. सत्यसन्धः=सत्यप्रतिज्ञ, ४३२. सत्यरतिः=सत्यमें रत, ४३३. सत्यप्रियः=सत्य जिनको प्यारा है, ४३४. उदारधीः=उदार बुद्धिवाले।

४३५. महासेनजयी=शोणितपुरमें बाणासुरके पक्षमें युद्धके लिये आये हुए स्वामिकार्तिकेयको भी परास्त करनेवाले, ४३६. शिवसैन्यविनाशनः=भगवान् शिवकी सेनाको मार भगानेवाले, ४३७. बाणासुरभुजच्छेत्ता=बाणासुरकी भुजाओंको काटनेवाले, ४३८. बाणबाहुवरप्रदः=बाणासुरको चार भुजाओंसे युक्त रहनेका वर देनेवाले।

४३९. तार्क्ष्यमानापहारी=गरुड़का अभिमान चूर्ण करनेवाले, ४४०. तार्क्ष्यतेजोविवर्धनः=गरुड़के तेजको बढ़ानेवाले, ४४१. रामस्वरूपधारी=श्रीरामका स्वरूप धारण करनेवाले, ४४२. सत्यभामामुदावहः=सत्यभामाको आनन्द देनेवाले।

४४३. रत्नाकरजलक्रीडः=समुद्रके जलमें क्रीडा करनेवाले, ४४४. व्रजलीलाप्रदर्शकः=अधिकारी भक्तोंको व्रजलीलाका दर्शन करानेवाले, ४४५. स्वप्रतिज्ञापरिव्ध्वंसी=भीष्मजीकी प्रतिज्ञा रखनेके लिये अपनी प्रतिज्ञा तोड़ देनेवाले, ४४६. भीष्माज्ञापरिपालकः=भीष्मकी आज्ञाका पालन करनेवाले।