संक्षिप्त नारद पुराण
Sankshipt Narada Purana
महर्षि वेदव्यास द्वारा
स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press Gorakhpur (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ें७६८ * संक्षिप्त नारदपुराण *
ब्रह्मात्माको नमस्कार है। जहाँसे वाणी निवृत्त हो जाती है और जहाँतक मन पहुँच नहीं पाता, वही रूपरहित सच्चिदानन्दघन परमात्माका स्वरूप जानना चाहिये। जिनकी सत्यतासे यह जगत् सत्य-सा प्रतीत होता है, जो निर्गुण तथा अज्ञानान्धकारसे परे हैं, उन विचित्ररूप परमात्माको मैं नमस्कार करता हूँ। जो अजन्मा परमात्मा आदि, मध्य और अन्तमें भी एक एवं अविनाशी होते हुए भी नाना रूपोंमें प्रकाशित हो रहे हैं, उन निरञ्जन भगवान्की मैं वन्दना करता हूँ। जिन निरञ्जन परमात्मासे यह चराचर जगत् उत्पन्न हुआ है, जिनमें यह स्थित है और जिनमें ही इसका लय होता है, वही सत्य तथा अद्वैत ज्ञान है। इन्हींको शिवोपासक शिव कहते हैं और सांख्यवेत्ता विद्वान् प्रधान कहते हैं। ब्राह्मणो! योगी जिन्हें पुरुष कहते हैं, मीमांसक लोग कर्म मानकर जिनकी उपासना करते हैं, वैशेषिक मतावलम्बी जिन्हें विभु और शक्तिका चिन्तन करनेवाले जिन्हें चिन्मयी आद्याशक्ति कहते हैं, नाना प्रकारके रूप और क्रियाओंके चरम आश्रय उन अद्वितीय ब्रह्माकी मैं वन्दना करता हूँ*। भगवान्की भक्ति मनुष्योंको भगवत्स्वरूपकी प्राप्ति करानेवाली है। उसे पाकर पशुके सिवा दूसरा कौन होगा, जो अन्य किसी लाभकी इच्छा करता हो। ब्राह्मणो! जो मनुष्य भगवान्से विमुख होकर संसारमें आसक्त होते हैं, उन्हें सत्सङ्गके सिवा और किसी उपायसे इस भवरूपी गहन वनसे छुटकारा नहीं मिलता। विप्रवरो! साधुपुरुष उत्तम आचारवाले, सर्वलोकहितैषी तथा दीन जनोंपर कृपा रखनेवाले होते हैं। वे अपनी शरणमें आये हुए लोगोंका उद्धार कर देते हैं। मुनियो! संसारमें आप लोग साधुपुरुषोंके द्वारा सम्मान पानेयोग्य और परम धन्य हैं; क्योंकि आप भगवान् वासुदेवकी नूतन पल्लवोंसे युक्त कीर्तिलताका बारंबार सेवन करते हैं। आप लोगोंने समस्त कारणोंके भी कारण तथा जगत्का मङ्गल करनेवाले साक्षात् भगवान् श्रीहरिका मुझे स्मरण दिलाया है, इसलिये मैं भी धन्य और अनुगृहीत हूँ॥ ॐ ॥
॥ उत्तर भाग सम्पूर्ण ॥
॥ श्रीनारदमहापुराण समाप्त ॥
* शिवं शैवा वदन्त्येनं प्रधानं सांख्यवेदिनः। योगिनः पुरुषं विप्राः कर्म मीमांसका जनाः ॥
विभुं वैशेषिकाद्याश्च चिच्छक्तिं शक्तिचिन्तकाः । ब्रह्माद्वितीयं तद्वन्दे नानारूपक्रियास्पदम् ॥
(ना० उत्तर० ८२ । ५६-५७)