भारतकोश
नारद स्मृति (हिन्दी अनुवाद सहित)

नारद स्मृति (हिन्दी अनुवाद सहित)

Narada Smriti with Hindi Translation

देवर्षि नारद द्वारा

स्रोत: चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन · चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished304 पृष्ठ

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देने का आधार अमृत रूप हैं। आपसे प्रार्थना है कि यदि अभियुक्त सचमुच पापी है, तो उसे दग्ध कर दें और यदि वह निर्दोष है, तो आप जल के समान शीतल हो जायें। प्रदेशिन्यक्षता यस्य संस्पृष्टायां परीक्षणे। यदि विस्फोटका न स्युः शुद्धोऽसावन्यथा न हि ॥ 348 ॥ अब अभियुक्त को अपनी तर्जनी अंगुली से मुद्रिका को उठाने को कहना चाहिए। तर्जनी के जलने अथवा क्षतिग्रस्त होने पर व्यक्ति को दोषी तथा तर्जनी के अक्षत (अप्रभावित) रहने पर उसे निर्दोष-शुद्ध समझना चाहिए। ॥ चतुर्थ अध्याय का प्रथम प्रकरण समाप्त ॥

नारदस्मृति / 145