संक्षिप्त नृसिंह पुराण (सचित्र हिन्दी अनुवाद सहित)
Sankshipta Narasimha Purana Gita Press
महर्षि व्यास द्वारा
स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press Gorakhpur (उद्गम)
पृष्ठ 314, कुल 318 में से
संदर्भ में पढ़ेंगीताप्रेस, गोरखपुरसे प्रकाशित पुराण-साहित्य श्रीमद्भागवतमहापुराण, व्याख्यासहित (कोड 26, 27) ग्रन्थाकार - श्रीमद्भागवत भारतीय वाङ्मयका मुकुटमणि है। भगवान् शुकदेवद्वारा महाराज परीक्षित्को सुनाया गया भक्तिमार्गका तो मानो सोपान ही है। इसके प्रत्येक श्लोकमें श्रीकृष्ण-प्रेमकी सुगन्धि है। यह सम्पूर्ण ग्रन्थरत्न मूलके साथ हिन्दी-अनुवाद, पूजन-विधि, भागवत-माहात्म्य, आरती, पाठके विभिन्न प्रयोगोंके साथ दो खण्डोंमें उपलब्ध है। विशिष्ट संस्करण (कोड 1535, 1536) सचित्र, सजिल्द, (कोड 1552, 1553) गुजराती, (कोड 1678, 1735) सानुवाद, मराठी, (कोड 1739, 1740), कन्नड़, (कोड 1577, 1744) बँगला, (कोड 564, 565) अंग्रेजी-अनुवाद, (कोड 25) केवल हिन्दी बृहदाकार, बड़े टाइपमें, (कोड 1190, 1191) बड़ा टाइप, दो खण्डोंमें, केवल हिन्दी, (कोड 1490) (वि० सं०) केवल हिन्दी (कोड 1159, 1160) वि० सं०, केवल अंग्रेजी-अनुवाद (कोड 28) केवल हिन्दी, (कोड 1608) केवल गुजराती, (कोड 29) मूल, मोटा टाइप, संस्कृत, ग्रन्थाकार (कोड 1573) मूल, मोटा टाइप, तेलुगु, ग्रन्थाकार (कोड 124) मूल मझला आकार, (कोड 1855) विशिष्ट सं० मूल मझला संस्कृतमें भी। संक्षिप्त शिवपुराण, मोटा टाइप (कोड 789) ग्रन्थाकार - इस पुराणमें परात्पर ब्रह्म शिवके कल्याणकारी स्वरूपका तात्त्विक विवेचन, रहस्य, महिमा और उपासनाका विस्तृत वर्णन है। सचित्र, सजिल्द, विशिष्ट संस्करण (कोड 1468) हिन्दी एवं (कोड 1286) गुजरातीमें भी उपलब्ध। संक्षिप्त पद्मपुराण (कोड 44) ग्रन्थाकार - इस पुराणमें भगवान् विष्णुकी विस्तृत महिमाके साथ, भगवान् श्रीराम तथा श्रीकृष्णके चरित्र, विभिन्न तीर्थोंका माहात्म्य, शालग्रामका स्वरूप, तुलसी-महिमा, गीता माहात्म्य, विष्णुसहस्रनाम, उपासना-विधि तथा विभिन्न व्रतोंका सुन्दर वर्णन है। सचित्र, सजिल्द। संक्षिप्त मार्कण्डेयपुराण (कोड 539) ग्रन्थाकार - भगवतीकी विस्तृत महिमाका परिचय देनेवाले इस पुराणमें दुर्गासप्तशतीकी कथा एवं माहात्म्य, हरिश्चन्द्रकी कथा, मदालसा-चरित्र, अत्रि-अनसूयाकी कथा, दत्तात्रेय- चरित्र आदि अनेक सुन्दर कथाओंका विस्तृत वर्णन है। सचित्र, सजिल्द। श्रीविष्णुपुराण, अनुवादसहित (कोड 48) ग्रन्थाकार - इसके प्रतिपाद्य भगवान् विष्णु हैं, जो सृष्टिके आदिकारण, नित्य, अक्षय, अव्यय तथा एकरस हैं। इसमें आकाश आदि भूतोंका परिमाण, समुद्र, सूर्य आदिका परिमाण, पर्वत, देवतादिकी उत्पत्ति, मन्वन्तर, कल्प-विभाग, सम्पूर्ण धर्म एवं देवर्षि तथा राजर्षियोंके चरित्रका विशद वर्णन है। सचित्र, सजिल्द (कोड 1364) केवल हिन्दी अनुवादमें भी उपलब्ध। संक्षिप्त नारदपुराण (कोड 1183) ग्रन्थाकार - इसमें सदाचार-महिमा, वर्णाश्रम धर्म, भक्ति तथा भक्तके लक्षण, देवपूजन, तीर्थ-माहात्म्य, दान-धर्मके माहात्म्य और भगवान् विष्णुकी महिमाके साथ अनेक भक्तिपरक उपाख्यानोंका विस्तृत वर्णन किया गया है। सचित्र, सजिल्द। संक्षिप्त स्कन्दपुराण (कोड 279) ग्रन्थाकार - यह पुराण कलेवरकी दृष्टिसे सबसे बड़ा है तथा इसमें लौकिक और पारलौकिक ज्ञानके अनन्त उपदेश भरे हैं। इसमें भगवान् शिवकी महिमा, सती-चरित्र, शिव- पार्वती-विवाह, कार्तिकेय-जन्म, तारकासुर-वध एवं धर्म, सदाचार, योग, ज्ञान तथा भक्तिके सुन्दर विवेचनके साथ-साथ अनेको साधु-महात्माओंके सुन्दर चरित्र पिरोये गये हैं। सचित्र, सजिल्द। संक्षिप्त ब्रह्मपुराण (कोड 1111) ग्रन्थाकार - इस पुराणमें सृष्टिकी उत्पत्ति, पृथुका पावन चरित्र, सूर्य एवं चन्द्रवंशका वर्णन, श्रीकृष्णचरित्र, कल्पान्तजीवी मार्कण्डेय मुनिका चरित्र, तीर्थोंका माहात्म्य एवं अनेक भक्तिपरक आख्यानोंकी सुन्दर चर्चा की गयी है। सचित्र, सजिल्द। संक्षिप्त गरुडपुराण- (कोड 1189) ग्रन्थाकार - इस पुराणके अधिष्ठातृ देव भगवान् विष्णु हैं। इसमें ज्ञान, भक्ति, वैराग्य, सदाचार, निष्काम कर्मकी महिमाके साथ यज्ञ, दान, तप, तीर्थ आदि शुभ कर्मोंमें सर्व साधारणको प्रवृत्त करनेके लिये अनेक लौकिक एवं पारलौकिक फलोंका वर्णन किया गया है। सचित्र, सजिल्द। संक्षिप्त भविष्यपुराण - (कोड 584) ग्रन्थाकार - यह पुराण विषय-वस्तु एवं वर्णन शैलीकी दृष्टिसे अत्यन्त उच्च कोटिका है। इसमें धर्म, सदाचार, नीति, उपदेश, अनेक आख्यान, व्रत, तीर्थ, दान, ज्योतिष एवं आयुर्वेदशास्त्रके विषयोंका अद्भुत संग्रह है। वेताल-विक्रम-संवादके रूपमें कथा-प्रबन्ध इसमें अत्यन्त रमणीय है। इसके अतिरिक्त इसमें नित्यकर्म, सामुद्रिक शास्त्र, शान्ति तथा पौष्टिक कर्मका भी वर्णन है। सचित्र, सजिल्द। In Public Domain. Digitzed by Sarvagya Sharda Peeth