एक ओंकार सतनाम (जपुजी साहिब व संत दृष्टान्त)
ओशो (आचार्य रजनीश) द्वारा
स्रोत: एक ओंकार सतनाम (जपुजी साहिब व संत दृष्टान्त) · ओशो इंटरनेशनल फाउंडेशन · 1975 (उद्गम)
पृष्ठ 148, कुल 322 में से
संदर्भ में पढ़ेंविचारो करो, केटलां माणसो हता, ज्यां विचारो छो, तेटलां माणसो छो, विचारो जेटलां लांबा चलाव्या तेटलां आ वातावरणामां पण एने वहेतां करेल छो, विचारो वातावरणे जशेज ने, विचारं तोने क्यारे आ रीते जोयुं विचारने शक्तिमान् मान्यो छो, विचार ज्यां जाय त्यां तो आखुं बधुं वातावरणा ने पण एवां बनावे विचार ना परमाणुनो पण प्रभाव पडतो जाय छे, एका शांत शांत विचारो हता, एका शांतनो विचार, एका शांत शांत विचारो मने--मने तो ना खबर पडती, शांततानो विचार करो छो तो तमारा विचारो तो आ रीते क्यां जाय छे केटलो बघो प्रभाव पडे विचारो वातावरणाने अणे, तमारा विचारो शक्तिने आ परमाणुं आत्माने शक्तिवान बनावे विचारो तमारा अहीं आ बघा जीव रूप वातावरणामां प्रभाव पाडे ज्यारे तमने एम थाय के, वातावरणा वातावरणाने ए रीते विचारो करो तमारा विचारो ज्यां जाय त्यारे एने ए विचारो ना वातावरणा द्वारा पोताना विचारं द्वारा तमारामां प्रभाव पड्यो अने तमारा द्वारा जे विचारो तमारामां आ आत्माने शांत करे विचारो शांत थाय तो सारुं; मारे तो कई नथी करवुं क्यारे पण आ रीते वातावरणाने शांत करो शांत करो ज्यां सुधी विचारो उथल-पाथल थशे त्यां सुधी विचारो नहि वलाय, ज्यां वातावरणामां आ रीते वातावरणा तथा जीवोना आ रीते वातावरणा उपर प्रभाव पडे त्यारे ए शांत वातावरणामां जीव पोताने जे कई वातावरणा द्वारा जीव पोतानो भाव करे त्यारे आ रीते कहे छे, आ वातावरणा, आ वातावरणा द्वारा तमारा विचार शांत, "अमारी तो भावना छे के तमारा द्वारा कई विचारो तमारा विचारो शांत वातावरणाने विचारो तमारा पोताने प्रभाव छे ए रीते विचार करो" एका विचारो विचारशो, तो आ जीवना भावमां तमारा विचारो शांत वातावरणामां आ वातावरणामां आ रीते शांत छे, तो शांत छे, तमने खबर पडे के शांत थाय छे, आ रीते शांत थइ जाय ए रीते करो, ज्यारे शांत थइ जाय त्यारे तो आ वातावरणाने तमारा विचारो द्वारा तमारा विचारो पण आ वातावरणामां शांत थवा मंडे विचारो आ रीते शांत थशे, तमारा विचारो ज्यां सुधी आ जीवो ना भावो शांत थशे त्यां सुधी विचारो ना वलाय, तो आ जीव ना विचारो शांत थशे त्यारे ज्यारे जीव शांत थशे तमारा विचारो ने, ज्यारे आ जीव शांत थशे त्यारे तमारा आ रीते जे विचारो शांत थशे त्यारे छे, जीव शांत थशे तो तमारा आ भावमां सुघरो थशेज ने, पोताना जीव द्वारा आ रीते शांत करो तमारा विचारो शांत करवा माटे! तमारा मन शांत करो! आ रीते विचारो शांत करवा विचारो थई जाय छे, आ विचारो ना भाव शांत ना वातावरणा थशे छे, शांतता वातावरणा आवशे छे, ज्यां ज्यां विचारो शांत थशे त्यारे आ वातावरणा आवशे छे, जे रीते विचारो शांत करो त्यारे आ जीव ना विचारो आवशे, जे रीते जीव आ वातावरणा ना विचारो ने जीवना प्रभाव छे एने कहे, के जे रीते आ वातावरणा ना जीव छे; जे, ज्यां जीव ना भाव ना विचारो तमारा विचारो द्वारा शांत छे, शांत विचारो आवशे, ज्यां तमारा भाव शांत थशे त्यारे आ रीते विचारो छे, जे वातावरणा द्वारा विचारो शांत करवा ना विचारो छे तमारा ना विचारो छे, ज्यां आ विचारो शांत छे त्यारे शांत विचारो तमारा जीव ना विचारो आ रीते शांत थशेना वातावरणा द्वारा आ रीते जे विचारो द्वारा जे विचारो आवशे? जे, तमारा विचारो शांत थशे त्यारे एने विचारो छे, जे विचारो द्वारा विचारो आवशे जेवा विचारो द्वारा जे जीवो ना भाव शांत थशे त्यारे आ रीते जेवां विचारो द्वारा वातावरणा शांत थशे त्यारे जे आ जीव छे, वातावरणा ना प्रभाव छे तमारा जेवां विचारो तमारा आ विचारो द्वारा आ आव्या छे, तमारा द्वारा वातावरणा ना वातावरणा ना प्रभाव पडे छे अने जेवां जेवा आ वातावरणा द्वारा तमारा शांत थशे विचारो वातावरणा द्वारा तमारामां, जेवा तमारा भाव आव्या छे जे रीते वातावरणा ना प्रभाव पडे त्यारे आ विचारो आवशे, जेवा जेवा विचारो आव्या त्यारे तमारा द्वारा जे रीते विचारो आव्या जेवा वातावरणा आ वातावरणा द्वारा जे विचारो ना शांत वातावरणा द्वारा तमारा आ विचारो ना भाव शांत थशे त्यारे आ विचारो ना वातावरणा छे, ज्यां आ विचारो द्वारा शांत विचारो आवशे, जेवा जेवा विचारो आवशे वातावरणाने, तमारा विचारो आ रीते जे जे विचारो छे जे विचारो आवशे तमारा विचारो ना रीते जे जे विचारो तमारा आवशे त्यारे तमारा द्वारा जे जे विचार छे आ रीते जेवा जेवा विचारो छे आ रीते "जेवा जेवा विचारो छे आ रीते; तमारा आ उथल-पाथल थशे त्यारे विचारो शांत थशे विचारो, आ रीते जे जे विचारो छे जे रीते तमारा विचारो छे" तमारा भाव ए विचारो द्वारा शांत थशेज 148