भारतकोश
एक ओंकार सतनाम (जपुजी साहिब व संत दृष्टान्त)

एक ओंकार सतनाम (जपुजी साहिब व संत दृष्टान्त)

ओशो (आचार्य रजनीश) द्वारा

स्रोत: एक ओंकार सतनाम (जपुजी साहिब व संत दृष्टान्त) · ओशो इंटरनेशनल फाउंडेशन · 1975 (उद्गम)

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विचार कर लें कि क्या लाभ है, तो ऐसा ही मन को न कहें, वरन् परिस्थिति को समझें जिसका भय लगा है और विवश होकर ही तो ऐसा काम करना पड़ रहा होता है, विवशता को जान लेने पर ही भय कम हो सकता है। 250