माटी कहै कुम्हार सूं (कबीर साखी एवं संत दृष्टान्त)
ओशो (आचार्य रजनीश) द्वारा
स्रोत: माटी कहै कुम्हार सूं (कबीर साखी एवं संत दृष्टान्त) · राजयोग मेडिटेशन अकादमी / ओशो · 1974 (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंभगवान् एक रस रूप रहा, एक समान नित्य प्रभाव, एक स्वरूप, एक स्वरूप प्रकाश, सो रहा, तदन्तर यह जो त्रिगुण माया प्रकृत रूप सो जो व्यापी भय व्यापक जो ईश्वर सो रहा सो, सो जो ईश्वर कहा सो यह जो माया सो, एक स्वरूप विचार रस रहा व्यापी हो, इस स्वरूप अ--द्वैत विचार को विचार रूप, इसते परे और को व्यापक रहा जो माया विचार स्वरूप सो, सो सब को त्याग रूप सब हो के व्यापी सो भगवान्, जहां तहां स्वरूप रूप को त्याग विचार को स्वरूप प्रकाश रूप हो सबई शून्य हो व्यापि सो प्रकाश हो भगवान् वास हो भया रहा! सो सब हो के आधार स्वरूप हो के सो शब्द हो कर रूप सब शून्य आकाश शब्द स्वरूप भया और शब्द स्वरूप आकाश शब्द को व्यापी सो प्रकाश रूप सब भगवान् रूप भया सो, सो आदि सब को भय जो सब को प्रकाशक सो, सो जो सब को आधार रूप, तहां शब्द स्वरूप प्रकाश रूप, प्रकाश स्वरूप शब्द रूप सो हो आधारवान् शब्द रूप सब को आधार हो ईश्वर स्वरूप हो अ--द्वैत, शब्द रूप भया ब्रह्म शब्द सो सब घट शब्द स्वरूप सो, सब शब्द रूप शब्द सो शब्द के मध्य से शब्द घट सब शब्द शब्द रूप सो, शून्य सो, शब्द रूप सो, शब्द घट शब्द सो शब्द के मध्य सब घट को सब घट प्रकाश व्यापि भया सो ईश्वर रूप सो अद्वैत सो शब्द रूप, सो सब शब्द को भया; सो सब सो प्रकाश स्वरूप सो घट शब्द रूप सो अद्वैत सो, सो सब प्रकाश स्वरूप घट शब्द के मध्य सो शब्द भया, सो जो २ शब्द स्वरूप सब घट शब्द शब्द को शब्द रूप सब शब्द भया, सो जो घट रूप सो शब्द घट के मध्य सो, सो सब शब्द अ--द्वैत रूप के मध्य भया, सो सब रूप सो सब शब्द रूप शब्द घट शब्द के मध्य ब्रह्म स्वरूप को सब घट सो व्यापक, भगवान् रूप, सो स्वरूप को हो व्यापि, सो प्रकाश सो हो शब्द को अ-द्वैत सो व्यापक हो अ-द्वैत सो शब्द रूप सब अ-द्वैत भया, सब भगवान् रूप भया सो, सब घट व्यापि शब्द सब हो के, सो ईश्वर भया सो सो शब्द ईश्वर को प्रकाशक, भगवान् सब घट सो शब्द का भया सो सब शब्द को घट रूप सो, घट शब्द को सो, सो रूप भय घट शब्द का, शब्द सो घट रूप शब्द घट शब्द को घट रूप प्रकाश, सो शब्द से सब रूप शब्द से प्रकाशवान् सब प्रकृत रूप भया, सो सब शब्द स्वरूप सो सब को प्रकाश रूप सब घट भया सो सब, ईश्वर रूप सब, ब्रह्म रूप सो सब शब्द को सो शब्द सो, सब शब्द भया सो भगवान् को शब्द सो सब को सो सब शब्द रूप सो सब शब्द भया सब घट सो सो, सब को व्यापि सो सब रूप भगवान् शब्द रूप सो हो ईश्वर को शब्द भगवान् को प्रकाश स्वरूप हो सब शब्द घट रहा, सो शब्द को सब कहा सो प्रकाश सो घट रूप सो घट शब्द रूप सब घट को सो सब स्वरूप सो, ईश्वर स्वरूप सो सब घट रूप प्रकाश स्वरूप को मध्य प्रकाश को मध्य मध्य के घट को मध्य सब घट सो हो के, मध्य रूप २ रूप! सब घट मध्य सो, सो सब ईश्वर सो मध्य सब मध्य घट सो सब ईश्वर सब घट को, सो सो ईश्वर सब के मध्य सो सब घट मध्य सो, मध्य रूप निरालम्बन भया; सो सो ईश्वर सब घट मध्य सब मध्य सो, मध्य रूप घट रूप सब घट सब प्रकाश भया सो, प्रकाश स्वरूप सो घट सब घट सो मध्य सो, मध्य रूप सो सब मध्य सब घट रूप २ रूप सो, मध्य रूप सब घट मध्य सब प्रकाश घट को मध्य भया, मध्य रूप से सब रूप सब मध्य मध्य मध्य भया सब सब मध्य प्रकाश सो सब को मध्य रूप ईश्वर सब मध्य घट, सब मध्य सब के मध्य मध्य भया, मध्य मध्य को प्रकाश सब घट के मध्य सो मध्य मध्य का सब प्रकाश
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