भारतकोश
पद्म पुराण

पद्म पुराण

Padma Purana

महर्षि वेदव्यास द्वारा

DevanagariHindipublished1,018 पृष्ठ

पृष्ठ 16, कुल 1018 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 16

\mathbf{[ १४ ]}

विषयपृष्ठ-संख्याविषयपृष्ठ-संख्या
२३३- वसिष्ठजीका दिलीपसे तथा भृगुजीका विद्याधरसे माघस्नानकी महिमा बताना तथा माघस्नानसे विद्याधरकी कुरूपताका दूर होना८८४मन्थनसे लक्ष्मीजीका प्रादुर्भाव और एकादशी-द्वादशीका माहात्म्य $\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots$९३५
२३४- मृगशृङ्ग मुनिका भगवान्‌से वरदान प्राप्त करके अपने घर लौटना $\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots$८८७२५०- नृसिंहावतार एवं प्रह्लादजीकी कथा $\dots\dots\dots$९३९
२३५- मृगशृङ्ग मुनिके द्वारा माघके पुण्यसे एक हाथीका उद्धार तथा मरी हुई कन्याओंका जीवित होना $\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots$८९०२५१- वामन-अवतारके वैभवका वर्णन $\dots\dots\dots\dots$९४५
२३६- यमलोकसे लौटी हुई कन्याओंके द्वारा वहाँकी अनुभूत बातोंका वर्णन $\dots\dots\dots\dots\dots\dots$८९५२५२- परशुरामावतारकी कथा९४७
२३७- महात्मा पुष्करके द्वारा नरकमें पड़े हुए जीवोंका उद्धार $\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots$९००२५३- श्रीरामावतारकी कथा—जन्मका प्रसङ्ग $\dots$९४९
२३८- मृगशृङ्गका विवाह, विवाहके भेद तथा गृहस्थ-आश्रमका धर्म $\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots$९०२२५४- श्रीरामका जातकर्म, नामकरण, भरत आदिका जन्म, सीताकी उत्पत्ति, विश्वामित्रकी यज्ञरक्षा तथा राम आदिका विवाह $\dots\dots\dots\dots\dots\dots$९५१
२३९- पतिव्रता स्त्रियोंके लक्षण एवं सदाचारका वर्णन९०७२५५- श्रीरामके वनवाससे लेकर पुनः अयोध्यामें आनेतकका प्रसङ्ग $\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots$९५४
२४०- मृगशृङ्गके पुत्र मृकण्डु मुनिकी काशी-यात्रा, काशी-माहात्म्य तथा माताओंकी मुक्ति $\dots\dots$९१०२५६- श्रीरामके राज्याभिषेकसे परमधामगमनतकका प्रसङ्ग $\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots$९६०
२४१- मार्कण्डेयजीका जन्म, भगवान् शिवकी आराधनासे अमरत्व-प्राप्ति तथा मृत्युञ्जय-स्तोत्रका वर्णन $\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots$९१२२५७- श्रीकृष्णावतारकी कथा—व्रजकी लीलाओंका प्रसङ्ग $\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots$९६४
२४२- माघस्नानके लिये मुख्य-मुख्य तीर्थ और नियम९१७२५८- भगवान् श्रीकृष्णकी मथुरा-यात्रा, कंसवध और उग्रसेनका राज्याभिषेक $\dots\dots\dots\dots\dots\dots$९६९
२४३- माघ मासके स्नानसे सुव्रतको दिव्यलोककी प्राप्ति $\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots$९१९२५९- जरासन्धकी पराजय, द्वारका-दुर्गकी रचना, कालयवनका वध और मुचुकुन्दकी मुक्ति $\dots\dots$९७५
२४४- सनातन मोक्षमार्ग और मन्त्रदीक्षाका वर्णन $\cdot$९२१२६०- सुधर्मा-सभाकी प्राप्ति, रुक्मिणी-हरण तथा रुक्मिणी और श्रीकृष्णका विवाह९७७
२४५- भगवान् विष्णुकी महिमा, उनकी भक्तिके भेद तथा अष्टाक्षर मन्त्रके स्वरूप एवं अर्थका निरूपण९२३२६१- भगवान्‌के अन्यान्य विवाह, स्यमन्तकमणिकी कथा, नरकासुरका वध तथा पारिजातहरण९७९
२४६- श्रीविष्णु और लक्ष्मीके स्वरूप, गुण, धाम एवं विभूतियोंका वर्णन $\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots$९२७२६२- अनिरुद्धका ऊषाके साथ विवाह९८२
२४७- वैकुण्ठधाममें भगवान्‌की स्थितिका वर्णन, योगमायाद्वारा भगवान्‌की स्तुति तथा भगवान्‌के द्वारा सृष्टि-रचना $\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots$९३०२६३- पौण्ड्रक, जरासन्ध, शिशुपाल और दन्तवक्त्र-का वध, व्रजवासियोंकी मुक्ति, सुदामाको ऐश्वर्यप्रदान तथा यदुकुलका उपसंहार $\dots\dots\dots$९८४
२४८- देवसर्ग तथा भगवान्‌के चतुर्व्यूहका वर्णन९३२२६४- श्रीविष्णु-पूजनकी विधि तथा वैष्णवोचित आचारका वर्णन $\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots$९८९
२४९- मत्स्य और कूर्म अवतारोंकी कथा, समुद्र-२६५- श्रीराम-नामकी महिमा तथा श्रीरामके १०८ नामका माहात्म्य $\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots$९९४
२६६- त्रिदेवोंमें श्रीविष्णुकी श्रेष्ठता तथा ग्रन्थका उपसंहार $\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots\dots$९९८
<div align="center">

</div>
पद्म पुराण · पृष्ठ 16, कुल 1018 में से · BharatKosha