भारतकोश
पद्मावत (मलिक मोहम्मद जायसी - सटीक ऐतिहासिक महाकाव्य)

पद्मावत (मलिक मोहम्मद जायसी - सटीक ऐतिहासिक महाकाव्य)

Padmavat with Hindi Commentary

मलिक मोहम्मद जायसी / पं. रामचन्द्र शुक्ल द्वारा

DevanagariAwadhipublished318 पृष्ठ

पृष्ठ 26, कुल 318 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 26

पद्मावत । २५ कन्याराशि उदय जग १ किया । पद्मावती नाम जस दिया ॥ सूर २ पुरुष ३ सों भयो गुरेरू ४ । किरणयाम उपर्जो जग हीरा ॥ तेहिते अधिकै पदारथकरा । रतनज्योति उपर्जा निरमराँ ५॥ सिंहलद्वीप भयो अवत़ारू ६। जम्बूद्वीप जाय जमवारू ७॥ दो० राघौराय अयोध्या उपंजे, लषणवतीसो संग । राजाराउ रूप सब भूले, दीपक जैसो पतंग ॥८२ आयु जन्मपत्री जो लिखी । दै अशीश फिरे ज्योतिषी ॥ पांच वरषमहँ भई जो बारी । दीन्ह पुराण पढ़े वै सारी ॥ भइ पद्मावति पण्डित गुनी । चहूँ खण्डके राजहिं सुनी ॥ सिंहलद्वीप राज घर बारी । महास्वरूप दई ११ अवतारी ॥ इक पद्मिनी औ पण्डित पढ़े । व्वहि कहँ योग गुसोई गढ़े ॥ जाकहँ लिखी लंख अस होनी । सो असपाव पढ़ी औलोनी १५॥ सप्तैद्वीप के वर जो आवहिं । उत्तर पावहिं फिरफिरजावहिं ॥ दो० राजा कहै गर्व १७ किये, हौं इन्द्र शिवलोक । को सरवरि है मोसों, कासों करों विरोक १८॥८३ बारहें वरष माहँ भइ रानी । राजैं सुना संयोग सयानी ॥ सात खण्ड धवराहरं तासू । सो पद्मिनि कहँ दीन्हउडामूँ ॥ औ दीन्हीं सँग सखी सहेली । जो सँग करें रहस रसकेली ॥ सबै नवै लै पीसंग न सोई । कमलपास जनु विगसी कोई २३॥ सुआ एक पद्मावति ठाउँ । महापण्डित हीरामणि नाऊँ ॥ दई २५ दीन्ह पंख असजोती । नयनैं रतनमुखमाणिक मोती ॥

दुनिया १ सूर्य्य २ मुलाक़ात ३ पैदा होना ४-६-८-१० बहुत ५ पाक ७ मरजा ६ ईश्वर ११-१३-२५ पैदा किया १२ रेखा १४ खूबसूरत १५ सातोंमुल्क १६ ग़रूर १७ बराबर १८ टीका विवाहका १६ महल २० मकान २१ कुँआरी २२ फूलना फोकायेलीका २३ जगह २४ जानवर २५ आँख २७ मूंगा २८ ॥