पद्मावत (मलिक मोहम्मद जायसी - सटीक ऐतिहासिक महाकाव्य)
Padmavat with Hindi Commentary
मलिक मोहम्मद जायसी / पं. रामचन्द्र शुक्ल द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें२६४ पद्मावत । तुमहु युधिष्ठिर औ१ दुर्योधन२ । तुमहुभोज३नल४दोउसम्बोधन ॥ तुमराघव५परशुरामैंऔ योधा६। तुमपरतज्ञाँ औ हत बोधा ॥ तुमहु शत्रुहनें भरत कुमारा । तुम कंसहिं चाणूरें सँहारोँ ॥ तुमप्रद्युम्न औ अनिरुद्ध दोऊ । तुमअभिमन्यु बोलसबकोऊ ॥ तुम सैरैं पूजननविक्रम१५ शाके । तुमहरिचन्दै हमीरैं सतं माके ॥ दो० जस अतिसङ्कट पांडवनं, भयोभीमँ बँदछोर । तस परबँश पर काहहु, राखलेहु ब्रह्ममोर ॥ गोराँ बादल बीरा लीन्हा । जसहनुमत अंगदबलकीन्हा ॥ साज सिंहासन ताना छातू । तुम माथे युग युग अहिवातू ॥ कमलचरण भुइँधर दुखपावहु । चढ़ सिंहासनमंदिरसिधावहु ॥ सुनसूरजकमलाहिजियजागा । केसेरें वरन पवन हियलागा ॥ जनुनिशि २४ मुँह अबदीनन्हेदेखाई । भाउदोत मसि गईबिलाई ॥ चढ़ी सिंहासन झमकतचली । जानहुँ चाँद दुइज निरमँली ॥ औ सँग सखी कुँमोद तराँई । ढारत चँवर मंदिर लै आई ॥ दो० देख दुइज सिंहासन, शंकर धरा ललाटँ । कमल चरण पद्मावत, लै बैठारी पाटँ ॥ खण्ड बयालीसवां गोरा बादल गवन ॥ बादल केर जसोदी माया । आय गही बादल के पाया ॥ बादल राय मोर तुइ बारा । काजानेसिकसहोयजुझाराँ ॥ नामशूरवीर १-२-३ श्रीरामचन्द्रजी ४ नाम महाशूरबीर ५-६-१०-२१ कौल ६ भाईश्रीरामचन्द्र ७-८ मारना ११ बेटा श्रीकृष्ण १२ पोता श्री- कृष्ण १३ बेटा अर्जुन १४ बराबरी १५ विक्रमादित्य १६ नामराजा १७-१८ सचबोलनेवाले १६ राजा युधिष्ठिर २० उसीतरह इस वक़्तमें मददकरो २२ नाममन्त्री २३ रंग २४ रात २५ रौशन २६ सियाही २७ साफ़ २८ कोका- बेली २६ नखत ३० माथा ३१ तख़्त ३२ लड़ाई ३३ ॥