पद्मावत (मलिक मोहम्मद जायसी - सटीक ऐतिहासिक महाकाव्य)

पद्मावत (मलिक मोहम्मद जायसी - सटीक ऐतिहासिक महाकाव्य)
Padmavat with Hindi Commentary
मलिक मोहम्मद जायसी / पं. रामचन्द्र शुक्ल द्वारा
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३१४ पद्मावत । जोलहि जीवन यौवन साथा । पुनि सो मीचें पराये हाथा ॥ दो० वृद्धि२ जो शीशँ डुलावै, शीशधुनहि तेहि रीसैं । बूढ़ी आयू होहु तुम; कै यह दीन अशीस ॥ मौत १ बूढ़ा २ शिर ३ गुस्सा ४ उमर ५ ॥ इति श्रीपद्मावतभाषा मलिकमुहम्मदजायसीकृत समाप्त ॥