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पद्मावत (मलिक मोहम्मद जायसी - सटीक ऐतिहासिक महाकाव्य)

पद्मावत (मलिक मोहम्मद जायसी - सटीक ऐतिहासिक महाकाव्य)

Padmavat with Hindi Commentary

मलिक मोहम्मद जायसी / पं. रामचन्द्र शुक्ल द्वारा

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पृष्ठ 53

५२ पद्मावत । कदल गाभकी जानौ जोरी । औ राँती वह कमल हथोरी ॥ जानौ रक्त हथोरी बूड़ी । रवि प्रभातें तातें वै जूडी ॥ हियाँ काढ़ि जनु लीन्हेसि हाथा । रुधिरें भरी अँगुरी तेहि साथा ॥ औ पहिरें नगजरी अँगूठी । जग बिन जीव जीव वह मूठी ॥ बाहूं कंगन ताड़ सलोने । डोलत बाहु भावगत लोने ॥ जानो गति वेरैनै देखराय । बाहुँ डुलाय जीव लेजाय ॥ दो० भुज उपमाँ पौनारिनै पूजी, खीनें भई तेहि चिन्तैं । ठाँवहिं ठावँ बेधै भई हृदयैं, ऊव सांसले निन्त ॥ हियों थार कुचैं कंचने लाडू । कनक कचूर उठेकै चाडू ॥ बेधे भँवर कंट केतकी । चाहैं वेध कीन्ह कंचुकी ॥ कुन्दन बेल साज जनु गूँदे । अमृत भरे रतन दुइ मूंदे ॥ यौवन बाण लेहिं नहिं बागा । चाहहिं हुलसहिये में लागा ॥ अगिन बाण दुइ जानों सांधे । जगै वेधे जो होहिं न बांधे ॥ उतंग जंभीर होय रखवारी । छुइको सकै राजाकी वौरी ॥ दाड़िम दाखैं फरी अब चाखा । असनारँग वेहिका कहिराखा ॥ दो० राजा बहुत मुये तप, लाय लाय भुइँ माथ । काहूं छूय न पारी, गये मरोरत हाथ ॥ पेट पतरि जनु चन्दन लावा । कहकहकेसरँ वरणैं सुहावा ॥ क्षीर अहार न कर सुकमारा । पान फूल लैरहै अधारा ॥ श्यामभुअंगिनि रोमावली । नाभी निकस कमलकहँ चली ॥

लाल १ लोहू २-७ सूर्य ३ ओर ४ गर्म ५ दिल ६-२०-३० दुनियां ८-३१ नामज़ेवर ६ खूबसूरत १०-११ तवायफ़ १२ बराबरी १३-१५ कमलकी नाल १४ पतली १६ शौच १७ जगह १८ छेद १६-२५-२७ छाती २१-२२ सोना २३-२४नोक छाती के एडडी की २६ अँगिया २८ पोशाक २६नीबू ३२ बेटी ३३ अनार ३४ अंगूर ३५ खुशबू ३६ रंग ३७ दूध ३८ कालीनागिनि ३६ ॥