पञ्चदशी (हिन्दी व्याख्या सहित)

पञ्चदशी (हिन्दी व्याख्या सहित)
Panchadashi by Swami Vidyaranya
स्वामी विद्यारण्य द्वारा
स्रोत: चौखम्बा विद्याभवन · चौखम्बा विद्याभवन · 1940 (उद्गम)
DevanagariSanskritpublished726 पृष्ठ
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महावाक्यविवेकप्रकरणम् १२३
जाने पर भी जो पारमार्थिक तत्व शेष रह जाता है, जिसको सच्चिदानन्दस्वरूप भी कहा जाता है, वही तो इस वाक्य के 'ब्रह्म' शब्द का अर्थ है । महावाक्य का संपिण्डित अर्थ तो यह हुआ कि—ऐसा जो स्वयं प्रकाश तथा आत्मरूप ब्रह्म है वह यही आत्मा है । इस आत्मा से भिन्न किसी को ब्रह्म समझना भारी भूल है ।
इति श्रीमद्विद्यारण्यमुनिविरचितं महावाक्यविवेकप्रकरणं समाम्