भारतकोश
पञ्चदशी (हिन्दी व्याख्या सहित)

पञ्चदशी (हिन्दी व्याख्या सहित)

Panchadashi by Swami Vidyaranya

स्वामी विद्यारण्य द्वारा

स्रोत: चौखम्बा विद्याभवन · चौखम्बा विद्याभवन · 1940 (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished726 पृष्ठ

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नाटकदीपप्रकरणम् ४१३ यदि मन्दाधिकारी लोग सर्वग्रह का त्याग न कर सकते हों तो वे बुद्धि की शरण ले लें। अन्दर या बाहर सब जगह बुद्धि के अधीन हुए हुए इस साक्षी का वे लोग अनुभव करें [ वे लोग यह विचारें कि-यह बुद्धि जिस जिस बाह्य या आभ्यन्तर पदार्थ की कल्पना करती है, उस उस पदार्थ का साक्षी होकर यह परमात्मा उसके अधीन सा रहता है। वे लोग इसी मार्ग से परमात्मा का अनुभव प्राप्त करें। ] इतिश्रीमद्विद्यारण्यमुनिविरचितपंचदश्यां नाटकदीपप्रकरणम्