भारतकोश
पराशर स्मृति (माधवाचार्य भाष्य व हिन्दी अनुवाद सहित)

पराशर स्मृति (माधवाचार्य भाष्य व हिन्दी अनुवाद सहित)

Parashara Smriti with Madhavacharya Bhashya & Hindi Translation

महर्षि पराशर द्वारा

स्रोत: ठाकुरप्रसाद एण्ड संस वाराणसी · ठाकुरप्रसाद एण्ड संस वाराणसी (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished170 पृष्ठ

पृष्ठ 11, कुल 170 में से

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CC-0. In Public Domain. Digitization by eGangotri [ ७ ] रक्षण की विधि और उसके लाभ कहे गये हैं। श्राद्ध के विधान और उसके विशिष्ट गुण सयुक्तिक वर्णित हुए हैं। जन्म से जाति का सिद्धान्त और सत्कर्म तप से उसके उपबृंहण का जोरदार निरूपण है। ईश्वर, वेद, धर्म की मान्यता कही गयी है। राजा, प्रजा के सम्बन्ध का भली भाँति निरूपण है। शासन के धर्म से विमुख होने पर उपप्लव उत्पन्न होने का गहराई से वर्णन है। सत्य, शौर्य, तप, त्याग, धैर्य का विशेष माहात्म्य कहा गया है। समरांगण में निर्भय देहोत्सर्ग करना, देश, धर्म की रक्षा में सर्वस्व की बलि कर देना सबसे महान् धर्म कहा गया है। यह अपूर्व धर्म-ग्रन्थ है। इसकी बहुत बड़ी मान्यता है। इसके ऊपर पराशरमाधव नाम का एक भाष्य कहना चाहिए। माधवाचार्य ने गम्भीर विवेचनात्मक व्याख्यान बुक्कमहीपति के समय में ही लिख दिया है। यह ग्रन्थ सर्वगम्य नहीं है और आज दुष्प्राप्य है। श्री पण्डित शिवदत्तमिश्र शास्त्री, व्याकरणाचार्य ने द्वादशाध्याया- त्मक इस महनीय स्मृति का राष्ट्रभाषा हिन्दी में व्याख्यान प्रणयन किया है। यह व्याख्या स्पष्ट, सरल, सुललित और सटिप्पण प्रकाशित हुई है। इसमें अन्यान्य अनुसन्धान भी दिये गये हैं जिनसे इसकी गरिमा और उदीप्त हो उठी है। ग्रन्थकर्त्ता ने, जो अनेक ग्रन्थों के रचयिता तथा व्याख्यान-निर्माता हैं, इस व्याख्या के साथ विषय-श्लोकानुक्रमणिका आदि देकर सर्वगम्य कर दिया है। त्रुटि होना मनुष्य-स्वभाव-सिद्ध है। ‘मर्त्यैरसर्वविदुरैर्विहिते क्व नाम स्याद्दोषलेशविरहः सुचिरन्तनेऽपि।’ गुणग्रहणैकपक्षपाती विद्वान् इसपर ध्यान नहीं देकर इसकी उपादेयता बढ़ायेंगे। मेरा शुभाशसन है कि यह ग्रन्थकर्त्ता और इनका व्याख्यान यशस्वी हो और इसकी उत्तरोत्तर अभिवृद्धि तथा प्रसार हो। धर्मसंघ, दुर्गाकुण्ड,
वाराणसी } —महेश्वरानन्द सरस्वती वैशा. शु. ८, सं. २०२६ / [ ऊर्ध्वाम्नाय काशीपीठाधीश्वर, अनन्त- श्रीविभूषित, जगद्गुरु शङ्कराचार्य ] Prof. Madhav Prasad Lamichhane Collection, Kathmandu, Nepal

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