फलदीपिका (मन्त्रेश्वर दैवज्ञ - सम्पूर्ण २८ अध्याय, भाव-विचार, दशा-फल एवं गोचर सटीक)

फलदीपिका (मन्त्रेश्वर दैवज्ञ - सम्पूर्ण २८ अध्याय, भाव-विचार, दशा-फल एवं गोचर सटीक)
Phaladeepika of Mantreshwara Daivajna with Commentary
मन्त्रेश्वर दैवज्ञ (टीकाकार: पं. सूर्यनारायण व्यास) द्वारा
DevanagariHindipublished684 पृष्ठ
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उन्नीसवाँ अध्याय : दशाफल ३८५ कुण्डली के ८, कर्क लग्न के १३, सिंह लग्न के ८, कन्या लग्न वाली जन्म कुण्डलियों के ६, तुला लग्न वाले जातकों के १५, वृश्चिक लग्न के ५, धनु लग्न वाली कुण्डलियों के ४, मकर लग्न के ९, कुम्भ लग्न वाले जातकों के ८ और मीन लग्न के १०—इस प्रकार १२२ योग इस विचार से दिये गये हैं कि पाठकों को फलदीपिका में दिये गये सिद्धान्तों के अतिरिक्त इन नियमों को भी ध्यान में रखने से, फल निर्णय करने में सहायता मिलेगी ।