फलदीपिका (मन्त्रेश्वर दैवज्ञ - सम्पूर्ण २८ अध्याय, भाव-विचार, दशा-फल एवं गोचर सटीक)

फलदीपिका (मन्त्रेश्वर दैवज्ञ - सम्पूर्ण २८ अध्याय, भाव-विचार, दशा-फल एवं गोचर सटीक)
Phaladeepika of Mantreshwara Daivajna with Commentary
मन्त्रेश्वर दैवज्ञ (टीकाकार: पं. सूर्यनारायण व्यास) द्वारा
DevanagariHindipublished684 पृष्ठ
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बाईसवाँ अध्याय : मिश्रदशा ४९९
'सारिणी_क' (पृ० ४६६-५०१)
| नक्षत्र चरण (क) | नक्षत्र चरण (ख) | नक्षत्र चरण (ग) | पूर्ण आयु वर्ष | देहाधिप | जीवाधिप |
|---|---|---|---|---|---|
| १. अ० प्र० | २४. आर्द्रा च० | २५. पुन० प्र० | १०० | मंगल | बृहस्पति |
| २. ” द्वि० | २३. ” त० | २६. ” द्वि० | ८५ | शनि | बुध |
| ३. ” तृ० | २२. ” द्वि० | २७. ” तृ० | ८३ | शुक्र | बुध |
| ४. ” च० | २१. आर्द्रा प्र० | २८. ” च० | ८६ | चन्द्र | बृहस्पति |
| ५. भ० प्र० | २०. मृ० च० | २९. पुष्य प्र० | १०० | मंगल | बृहस्पति |
| ६. ” द्वि० | १९. ” त० | ३०. ” द्वि० | ८५ | शनि | बुध |
| ७. ” तृ० | १८. ” द्वि० | ३१. ” तृ० | ८३ | शुक्र | बुध |
| ८. ” च० | १७. मृ० प्र० |