भारतकोश
फलदीपिका (मन्त्रेश्वर दैवज्ञ - सम्पूर्ण २८ अध्याय, भाव-विचार, दशा-फल एवं गोचर सटीक)

फलदीपिका (मन्त्रेश्वर दैवज्ञ - सम्पूर्ण २८ अध्याय, भाव-विचार, दशा-फल एवं गोचर सटीक)

Phaladeepika of Mantreshwara Daivajna with Commentary

मन्त्रेश्वर दैवज्ञ (टीकाकार: पं. सूर्यनारायण व्यास) द्वारा

DevanagariHindipublished684 पृष्ठ

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बाईसवाँ अध्याय : मिश्रदशा ५०१

नक्षत्र चरण (छ)नक्षत्र चरण (ज)नक्षत्र चरण (झ)पूर्ण आयु वर्षदेहाधिपजीवाधिप
७३. मू० प्र०९६. शत० च०९७. पू. भा. प्र०१००मंगलबृहस्पति
७४. " द्वि०९५. " तृ०९८. " द्वि०८५शनिबुध
७५. " तृ०९४. " द्वि०९९. " तृ०८३शुक्रबुध
७६. " च०९३. शत० प्र०१००. " च०८६चन्द्रबृहस्पति
७७. पू. षा. प्र०९२. धनि० च०१०१. उ. भा. प्र०१००मंगलबृहस्पति
७८. " द्वि०९१. " तृ०१०२. " द्वि०८५शनिबुध
७९. " तृ०९०. " द्वि०१०३. " तृ०८३शुक्रबुध
८०. " च०८९. धनि० प्र०१०४. " च०८६चन्द्रबृहस्पति
८१. उ. षा. प्र०८८. श्रव० च०१०५. रेव० प्र०१००मंगलबृहस्पति
८२. " द्वि०८७. " तृ०१०६. " द्वि०८५शनिबुध
८३. " तृ०८६. " द्वि०१०७. " तृ०८३शुक्रबुध
८४. " च०८५. श्रव० प्र०१०८. " च०८६चन्द्रबृहस्पति