फलदीपिका (मन्त्रेश्वर दैवज्ञ - सम्पूर्ण २८ अध्याय, भाव-विचार, दशा-फल एवं गोचर सटीक)

फलदीपिका (मन्त्रेश्वर दैवज्ञ - सम्पूर्ण २८ अध्याय, भाव-विचार, दशा-फल एवं गोचर सटीक)
Phaladeepika of Mantreshwara Daivajna with Commentary
मन्त्रेश्वर दैवज्ञ (टीकाकार: पं. सूर्यनारायण व्यास) द्वारा
DevanagariHindipublished684 पृष्ठ
पृष्ठ 582, कुल 684 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 582
चौबीसवां अध्याय : अष्टकवर्गफल ५८१ सूर्य का एकाधिपत्य शोधन
| मे. | वृ. | मि. | क. | सि. | क. | तु. | वृ. | ध. | म. | कुं. | मी. | योग | |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ० | ४ | ० | ३ | २ | ० | ० | ४ | १ | ० | १ | ० | ||
| शोधन के बाद | ० | ४ | ० | ३ | २ | ० | ० | ४ | १ | ० | १ | ० | १५ |
| चन्द्रमा का एकाधिपत्य शोधन | |||||||||||||
| मे. | वृ. | मि. | क. | सिं. | क. | तु. | वृ. | ध. | म. | कुं. | मी. | योग | |
| :--- | :---: | :---: | :---: | :---: | :---: | :---: | :---: | :---: | :---: | :---: | :---: | :---: | :---: |
| १ | ० | १ | ३ | ३ | १ | ० | ० | ० | १ | ० | ३ | ३ | |
| शोधन के बाद | १ | ० | ० | ३ | ३ | ० | ० | ० | ० | १ | ० | ३ | ११ |