फलदीपिका (मन्त्रेश्वर दैवज्ञ - सम्पूर्ण २८ अध्याय, भाव-विचार, दशा-फल एवं गोचर सटीक)

फलदीपिका (मन्त्रेश्वर दैवज्ञ - सम्पूर्ण २८ अध्याय, भाव-विचार, दशा-फल एवं गोचर सटीक)
Phaladeepika of Mantreshwara Daivajna with Commentary
मन्त्रेश्वर दैवज्ञ (टीकाकार: पं. सूर्यनारायण व्यास) द्वारा
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छब्बीसवाँ अध्याय : गोचरफल ६५३ पूर्व । घ ङ छ । ईशान आग्नेय ┌─────┬────┬────┬────┬───────────┬────┬─────┬────┬────┐ │ अ │ कृ │ रो │ मृ │ आ │ पु │ पु │ आ │ आ │ ├─────┼────┼────┼────┼───────────┼────┼─────┼────┼────┤ │ भ │ उ │ अ │ व │ क │ ह │ ङ │ ऊ │ म. │ ├─────┼────┼────┼────┼───────────┼────┼─────┼────┼────┤ │ अ │ ल │ लृ │वृष │ मिथुन │कर्क│ लृ │ म │ पू.│ ├─────┼────┼────┼────┼───────────┼────┼─────┼────┼────┤ │ रे │ च │ मं.│ ओ │सू. नन्दा मं│ ओ │ सि. │ ट │ उ │ ┌────┐