भारतकोश
प्रासाद मण्डन (मण्डन सूत्रधार - मन्दिर निर्माण, शिखर, मण्डप एवं वास्तु लक्षण सटीक)

प्रासाद मण्डन (मण्डन सूत्रधार - मन्दिर निर्माण, शिखर, मण्डप एवं वास्तु लक्षण सटीक)

Prasada Mandanam of Sutradhara Mandana with Commentary

मण्डन सूत्रधार (महाराणा कुम्भा के प्रधान वास्तुकार) द्वारा

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ऽष्टमोऽध्यायः १६७ अन्तिममंगल— श्रीविश्वकर्मगणनाथमहेशचण्डी- श्रीविश्वरूपजगदीश्वरसुप्रसादात् । प्रासादमण्डनमिदं रुचिरं चकार, श्रीमण्डनो गुणवतां भुवि सूत्रधारः ॥११६॥ इति श्रीसूत्रधारमण्डनविरचिते वास्तुशास्त्रे प्रासादमण्डने अष्टमोऽध्यायः समाप्तः । सम्पूर्णोऽयं ग्रन्थः । श्री विश्वकर्मा, गणपति, महेश, चण्डीदेवी और विश्वस्वरूप श्री जगदीश्वर की कृपा से जगत के विद्वानो मे सुप्रसिद्ध मंडन नाम का सूत्रधार है। उसने प्रासाद निर्माण विधि का यह प्रासादमंडन नाम का शास्त्र आनंद पूर्वक बनाया ॥११६॥ इति श्री पंडित भगवानदास जैन ने इस प्रासादमंडन के आठवे अध्याय को सुबोधिनी नामकी भाषाटीका समाप्त की। ❀ श्रीरस्तु ❀