प्रासाद मण्डन (मण्डन सूत्रधार - मन्दिर निर्माण, शिखर, मण्डप एवं वास्तु लक्षण सटीक)
Prasada Mandanam of Sutradhara Mandana with Commentary
मण्डन सूत्रधार (महाराणा कुम्भा के प्रधान वास्तुकार) द्वारा
पृष्ठ 262, कुल 278 में से
संदर्भ में पढ़ेंइस ग्रंथ में आये हुये शब्दों का सार्थ अकारादि क्रम । अ अंश पु. विभाग, गंड । अंग्र तन न. द्वार का भाग । अघोर पुं. उपरूप नाम के घर का देव अङ्क न. नवकी संख्या, चिह्न । अङ्कित वि० चिह्न किया हुवा । अङ्गूल न. इंच, प्रामत । अङ्घ्रि पु. पैर, चरण, अनुपांय । अजिता स्त्री नींवकी पांचवी शिला का नाम । अञ्जिना स्त्री गर्भग्रह के आगे १ भाग के मान की खोली का नाम । अण्डक न. शृंग, शिखर, आमलसार, कलश का पेट, ईंडा । अदिति पु. वास्तु देवता का नाम । अद्रि पु. पर्वत, सात की संख्या अधिष्ठान न. पाथार, जगती अनन्त पु. ब्याघात के १ भाग के उदयवाला गुंबज । अनिल पु. वायु, वास्तुदेव । अनुग पु. पहरा, कोने के समीप का दूसरा कोना । अन्तरपत्र न. कलश और केवाण ये दोनों घरों के बीच मन्तर । अन्तराल न. देवों मन्तरपण, मन्तर । अन्धकारिका स्त्री. परिक्रमा, प्रदक्षिणा । अन्धारिका स्त्री. ऐसी द्वार का शब्द । अपराजित न. सूत्रसंतान गुणकीर्ति का रचा हुवा वास्तुशिल्प का बड़ा ग्रंथ । अपराजिता स्त्री. नींव की छठी शिला का नाम । अमृतोद्भव पु. केसरी जाति का आठना प्रासाद । अभिषेक पु. देवों का मंत्र पूर्वक स्नान । अम्बर पु. शिखरकी ग्रीवाका देव । अयुत न. दस हजार की संख्या । अर्क पु. सूर्य, बारह की संख्या । अर्कतनया स्त्री. यमुना देवी । अर्चन न. पूजा । अर्चा स्त्री. देवमूर्ति । अर्धचन्द्र पु. प्रासाद की देहली के आगे की अर्द्धगोल आकृति, शखावटो, मडल विशेष. अर्यमन् पु. वास्तुदेव, सूर्य, उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र । अलिन्द पु. बरामदा, दालान । अवलम्ब पु. ओलंभा, रस्सी के बधा हुया लोहे का छोटा सा लट्टू, जिसको शिल्पिवर्ग बाध काम करते समय अपने पास रखता है । अव्यक्त वि. अप्रकाशित, अंधकार मय, अघटित शिवलिंग । अश्वमेध पु यज्ञविशेष का नाम । अश्वत्थ पु. ब्रह्मपीपला, पीपल । अश्विन् पु. अश्विनीकुमारदेव, अर्द्धचन्द्र के देव अष्टादश वि. अठारह की संख्या । अष्टापद पु चारो दिशामे आठ आठ सीडीवाला पर्वत । अष्टास्रक पु आठ कोना वाला स्तंभ असुर पु. वास्तु देव । अस्र पु. कोना, हद । आ आकाश न. वास्तुदेव, गुंबज का देव । आगार न. देवालय, घर, स्थान । आदित्य पु वास्तुदेव, सूर्य । आद्यसूत्रधार पु. विश्वकर्मा । आप पु वास्तुदेव, पानी । आपवत्स पु. वास्तुदेव । आमलसार पु. शिखर के स्कंध के ऊपर कुंभार के चाक जैसा गोल कलश । आमलसारिका स्त्री. आमलसार के ऊपर की चक्रिका के ऊपर की गोल आकृति ।