प्रासाद मण्डन (मण्डन सूत्रधार - मन्दिर निर्माण, शिखर, मण्डप एवं वास्तु लक्षण सटीक)
Prasada Mandanam of Sutradhara Mandana with Commentary
मण्डन सूत्रधार (महाराणा कुम्भा के प्रधान वास्तुकार) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( २१४ ) आय पु. संज्ञा विशेष जिसे गृहादि शुभाशुभ देखा जाता जाता है, आठ की संख्या, लाभ । आयत वि लंबाई । आयतन न. देवालय, देवो की पंचायतन । आरात्रिक न. आरती । आर्द्रा स्त्री. छट्ठा नक्षत्र । आलय पु. वासस्थान, घर, देवालय । आसनपट्ट पु. बैठने का आसन, तकीया । इ ई इन्दु पु. चद्रमा, एक की संख्या । इन्द्र पु. पूर्वदिशा का स्वामी, दिक्पाल, वास्तुदेव, उद्गम घर का देव । इन्द्रकील न. स्तंभिका जो ध्वजा दंड को मजबूत रखने के लिये साथ रखा जाता है । इन्द्रजय पु. वास्तुदेव इन्द्रनील पु. केसरी जाति का तेरहवां प्रासाद, रत्न विशेष । इन्द्रवारुणी स्त्री. बडी इन्द्रफला ओषधि । इन्द्रांश पु संज्ञाविशेष जो इमारती काम मे देखा जाता है । इषु पु. पाच की संख्या, बाण. इष्टका } स्त्री. ईंट इष्टिका } ईश पु. नंदी घर का देव, वास्तुदेव, ईशान कोना का दिक्पाल, महादेव । ईश्वर पु. शिखर का देव, महादेव । ईश्वरी स्त्री. ओषधि विशेष, शिवलिङ्गी । उ ऊ उच्छ्राय पु. ऊंचाई उत्क्षिप्त न. गुंबज का ऊंचा उठा हुआ चंदोवा, छत । उत्तरंग न. द्वारशाखा के ऊपर का मथाला । उत्तरा स्त्री. उत्तराफाल्गुनी, उत्तराषाढा और उत्तरा- भाद्रपद ये तीनो नक्षत्र । उत्तानपट्ट पु. बड़ा पाट । उत्सेध पु. ऊंचाई । उदक न. पानी, जल । उदच् अो. उत्तरदिशा । उदुम्बर न. द्वारशाखा का नीचला भाग देहली । उद्गम पु. प्रासाद के दीवार का आठवां थर जो सीडी के आकार वाला है । उद्भिन्न पु. चार प्रकार के जातिकी आकृति वाली छत, छत का एक भेद । उद्भिन्ना स्त्री. सातवी संवरणा । उपग्रह पु. नक्षत्रों की एक संज्ञा । उपरथ पु. कोने के पास का तीसरा कोना । उरुमञ्जरी स्त्री. उरुशृंग उरुशृङ्ग } न. शिखर के भद्र ऊपर चढायें उरःशृङ्ग } हुए शृंग ऊर्ध्व त्रि. ऊंचाई, ऊपर, ऊर्ध्वार्चा स्त्री. खड़ी मूर्ति । ऋ ऋक्ष न. नक्षत्र, २७ की संख्या । ऋत्विज पु. यज्ञ करने वाले, यज्ञ दीक्षित। ए ऐ एकादश त्रि. ग्यारह की संख्या । ऐरावत पु. केसरी जाति का २१ वां प्रासाद । क कङ्गु न. धान्य विशेष, कांग । कटि स्त्री. कमर, शरीर का मध्य भाग । कराक न. करणी, जाड्यकुंभ के ऊपर का थर । कणापीठ न. जाड्यकुंभ और करणी ये दो थरवाली प्रासाद की पीठ कणाली स्त्री. करणी नामका थर कदाचन अ. कभी । कनीयस् त्रि. छोटा, लघु । कन्या स्त्री. छठी राशिका नाम । कपिली स्त्री. कवली, कोली, शुकनास के दोनो तरफ शिखर के आकार वाला मंडप ।