प्रासाद मण्डन (मण्डन सूत्रधार - मन्दिर निर्माण, शिखर, मण्डप एवं वास्तु लक्षण सटीक)
Prasada Mandanam of Sutradhara Mandana with Commentary
मण्डन सूत्रधार (महाराणा कुम्भा के प्रधान वास्तुकार) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( २१९ ) देवतायतन पु. देवो की पंचायत । देवनक्षत्र न. देवगणवाले नक्षत्र । देवपुर. देवनगर । देवसुन्दरी स्त्री. चौथी संवरणा । दैर्ध्य वि. लबाई । दोला स्त्री. झूला । हिंडोला । दौवारिक पु. वास्तुदेव । द्राविड पु. प्रासाद की एक जाति । द्राविडी पु. अधिक शृंगोवालो प्रासाद की दीवार, जंघा । द्वादश सं. बारह की संख्या । द्वार न. दरवाजा । द्वारपाल पु. द्वारका रक्षक, चौकीदार । द्विरष्ट सं. सोलह की संख्या । ध धनद पु. उत्तर दिशा का अधिपति कुवेर देव । धनुः न. नववी राशि, धनुष्य । धरणी स्त्री. गर्भगृह के मध्य नीव मे स्थापित नवमी शिला । धराधर पु. कंपिलो मंडप के देव । धिष्ण्य न. २७ की संख्या । नक्षत्र धूम पु. दूसरा आय । ध्रुव पु. उत्तर दिशा का एक तारा, ध्रुव तारा । ध्वज पु. पहला आय, ध्वजा । ध्वजा स्त्री. पताका, झंडा, ध्वजा । ध्वजादंड पुं. ध्वजा रखने का दंड, जिसमे ध्वजा लटकाई जाती है । ध्वजाधार पु. ध्वजादंड रखने का कलावा ध्वांक्ष पु. आठवां आय, काक । न नकुलीश पु. ऊर्ध्वरेता महादेव । नगर न. गांव, शहर । नन्द पु. नव की संख्या । नन्दन पु. केसरी जाति का तीसरा और वैराज्यादिका दूसरा प्रासाद । नन्दशालिक पु. केसरी जाति का चौथा प्रासाद । नन्दा स्त्री. प्रथम शिला, जो ईशान अथवा अग्नि कोण में प्रथम स्थापित किया जाता है । नन्दिन् पु. महादेव का वाहन, बैल, सांठ । नन्दिनी स्त्री. पंचशाला वाला द्वार, जाड्यकुम्भका देव, दूसरी संवरणा । नन्दी स्त्री. काणी, भद्र के पास की छोटी कोनी । नन्दीश पु. केसरी जाती का पांचवा प्रासाद । नर पु. नरथर, पुरुष की आकृति वाली पट्टी । नर्त्तकी स्त्री. नाच करतो हुई पुतली । नलिका स्त्री. नववी संवरणा । नवनाभि पु. यज्ञमंडल विशेष । नवमङ्गल पु. वैराज्यादि १६ वां प्रासाद । नष्टच्छन्द पु. जिसकी तलविभक्ति बराबर न हो । नाग पु. वास्तुदेव. हाथी । नागकुल पु. भीट्ट थर के देव । नागर पु. प्रासाद की एक जाति । नागरा स्त्री. उपर का अर्थ देखो । नागरी स्त्री. रूपविनाकी सादी जंघा । नागवास्तु पु.न. शेषनाग चक्र, राहुमुख । नाटयेश पु. नटराज । नाभि स्त्री. मध्यभाग । नाभिच्छन्द पु. दो जाति की मिश्र आकृति वाली छत । नाभिवेध पु. गर्भवेध । नारायणी स्त्री. आठवी संवरणा । नाल न. नाली, पानी नीकलने का परनाला । नाली स्त्री. देखो उपर का अर्थ । नासक न. कोना । निरन्धार पु. विना परिक्रमावाला प्रकाश मय प्रासाद । निर्गम पु. बाहर नीकलता हुआ भाग । निशाकार पु. आमलसार का देव, चंद्रमा । निःस्वन पु. शब्द । नृत्य पु. नृत्यमंडप, रंगमंडप । नैर्ऋत पु. नैर्ऋत्य कोणके अधिपति दिक्पाल । प पक्षिराज पु. केसरी जाति का २३ वां प्रासाद, पञ्च सं. पांच की संख्या ।