भारतकोश
प्रासाद मण्डन (मण्डन सूत्रधार - मन्दिर निर्माण, शिखर, मण्डप एवं वास्तु लक्षण सटीक)

प्रासाद मण्डन (मण्डन सूत्रधार - मन्दिर निर्माण, शिखर, मण्डप एवं वास्तु लक्षण सटीक)

Prasada Mandanam of Sutradhara Mandana with Commentary

मण्डन सूत्रधार (महाराणा कुम्भा के प्रधान वास्तुकार) द्वारा

DevanagariHindipublished278 पृष्ठ

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पृष्ठ 266

( २१७ ) चूडामणि पु. चौदहवीं संवरणा। ताम्र न. धातु विशेष, तावा। चूर्ण न. चूना। तिथि स्त्री. पद्रह की सख्या। छ तोरण न. दोनो स्तम्भो के बीच में वलयाकार प्राकृति, तोरण। छन्दस् न. तल विन्यास। त्रिक पु, चौकी मडप। छाय न. छाया। त्रिदश पु. देव. छिद्र न छेद। त्रिदशा स्त्री. तेर ही सवरणा। ज त्रिधा अ. तीन प्रकार. जगती स्त्री. प्रासाद की मर्यादित भूमि, पीठिका, त्रिपुरष पु ब्रह्मा, विष्णु और शिव। जङ्घा स्त्री. प्रासाद की दीवार या साउवा थर त्रिमूत्ति स्त्री. देखो त्रिपुरुष, उत्तरस के देव। जम्भा स्त्री. वास्तुचक्र के यग्निकोण की देवी त्रिंशत् स. तीसकी सख्या। जय पु. वास्तुदेव। त्रैलोक्यभूषण पु. वेराज्यादि नववा प्रासाद। जया स्त्री. शेवरी शिला का नाम त्रैलोक्यविजय पु. वैराज्यादि पन्द्रहवा प्रासाद। जलदेव पु. कुंभा के गृह का ६१, वरण। त्र्यंश न. तृतीयाश, तीजा भाग। जलाधिर पु वास्तुचक्र का देव। द जाड्यकुम्भ पु पीठ के नीचे का बाहर गोरखना हुआ दग्धा स्त्री, तिथि विशेष। गजाकार थर। दण्ड पु. ध्वजा लटकाने का दड। जानु न. घुटना। दन्त पु. बत्तीस की सख्या, दात, शिखर। जाम न. जालीदार खिड़की दर्पण न. मायना, रूप देखने का काच। जालक न. महदी का बाना, जालीदार खिड़की दल न. फालना, जाह्नवी स्त्री. गंगा, नामो का देव. दशाक्षा स्त्री. तीसरी संवरणा। जिन पु. जैनधर्म के देव, चौबीस की सख्या। दारु न. काष्ट, लकडी, कारीगर। जीर्ण न. पुराना। दारुण वि. भयकर। जीव-न्यास न देवों की प्राणप्रतिष्ठा। दिक् स्त्री. दिशा, दश की सख्या। जूर्णा स्त्री. धान्यविशेष, जुआर। दिक्पाल पु. दिशा के अधिपति देव। ज्योतिमती स्त्री, मालकंगनी औषधि विशेष। दिक्साधन पु दिशा का ज्ञान करने की क्रिया ट दिङ्मुख} वि. प्रासाद, गृह आदिका टेढापन। टङ्काभ न. यज्ञमण्डल विशेष। दिङ्मूढ} त दिति पु. वास्तुदेव। तडाग न. तालाब, सरोवर। दिवाकर पु. बारह की सख्या, सूर्य। तत्पुरुष पु. प्रासाद की दीवार के रथ का देव। दिश स्त्री. दश की सख्या, दिशा। तल न. नीचे का तल भाग। दिशिपाल पु अथा घर के देव। तल्प न. शय्या, आसन। दीर्घ वि. लंबाई। तवङ्ग न. प्रासाद के थर मादि में छोटी साईझ के दृढ वि. मजबूत। तोरण वाले स्तम्भ युक्त रूप। दृष्टि स्त्री. भाख, निगाह। देवगान्धारी स्त्री. चौदहवी सवरणा। प्रा० २८