भारतकोश
प्रासाद मण्डन (मण्डन सूत्रधार - मन्दिर निर्माण, शिखर, मण्डप एवं वास्तु लक्षण सटीक)

प्रासाद मण्डन (मण्डन सूत्रधार - मन्दिर निर्माण, शिखर, मण्डप एवं वास्तु लक्षण सटीक)

Prasada Mandanam of Sutradhara Mandana with Commentary

मण्डन सूत्रधार (महाराणा कुम्भा के प्रधान वास्तुकार) द्वारा

DevanagariHindipublished278 पृष्ठ

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( २१६ ) खुर } पु. प्रासाद की दीवार का प्रथम थर खुरक } खुरा. ग गगारक न. देहली के आगे अर्द्धचंद्राकृति के दोनो तरफ की फूलपत्ति वाली आकृति । गंज पु. सातवां आय, गजथर । गजतालु न. गुंबज के उदय में रूपकंठ के ऊपर का थर । गजदन्त न. हाथी दांत की आकृतिवाला मंडल । गजधर पु. देवालय और मकान आदि बनाने वाला शिल्पी । गणेश पु. गणपति । गण्डान्त पु. तिथि नक्षत्र आदि की संधि का समय गन्धमादन पु. वैराज्यजातिका बीसवां प्रासाद । गन्धमादिनी स्त्री. बीसवी संवरणा । गन्धर्व पु. वास्तुदेव । गन्धर्वा स्त्री. नवशाखाओ मे दूसरी और पांचवी शाखा । गरुड पु. केसरी जाति का तेइसवां प्रासाद । गर्भ पु. गर्भगृह । गह्वर न. गुफा । गान्धर्व पु. केवाल थर का देव । गान्धारी स्त्री. चार शाखावाला द्वार । गिरि पु. वास्तुदेव, पर्वत । गुणा पु. तीन की संख्या, रस्सी, डोरी । गुरु पु. बृहस्पति, पांचवा ग्रह । गुह पु. कार्तिक स्वामी । गूढ पु. गूढमंडप, दीवार वाला मंडप । गृह न. घर, मकान । गृहक्षत पु वास्तुदेव गृहित् पु. घरका मालिक । गेह न. घर, गर्भगृह । गोधूम पु. गेहूॅ. धान्य विशेष । गोपुर न. किला के द्वार ऊपर का मकान । गोमेद न. गोमूत्र के रंग का रत्न विशेष । गौरितिलक न. मंडल विशेष । ग्रन्थि स्त्री, गांठ । ग्रह पु. नवकी संख्या । ग्रास पु. जलचर प्राणी विशेष । ग्रासपट्टी स्त्री. ग्रास के मुखवाला दासा । ग्रीवा स्त्री. शिखर का स्कंध और आमलसार के नीचे का भाग । ग्रीवापीठ न. कलश के नीचे का गला । घ घट पु. कलश, आमलसार । घण्टा स्त्री. कलश, आमलसार । घण्टिका स्त्री. छोटी आमलसारिका, संवरणा के कलश । घृत न. घी । च चण्ड पु. महादेव का गणदेव, यह शिवंलिग की जलाधारी के नीचे स्थापित किया जाता है, जिसे स्नात्र- जल उसके मुख मे जाकर बाहर गिरता है, यह स्नात्रजल पीछे दोष कर्त्ता नहीं रहता । चण्डिका स्त्री. देवी विशेष । चतुरस्र वि. समचोरस । चतुर्दश सं. चौदह की संख्या । चतुष्किका स्त्री. चौकी मंडप । चत्वर न, चौक, चाररस्ता, यज्ञ स्थान । चन्द्र पु. द्वारशाला का देव, चंद्रमा । चन्द्रशाला स्त्री. खुली छत । चन्द्रावलोकन न. खुला भाग । चन्द्रिका स्त्री. आमलसार के ऊपर औंधे कमल की आकृतिवाला भाग । चम्पका स्त्री. दशवी संवरणा. चरकी स्त्री. वास्तुचक्र के ईशान कोण की देवी । चरभ न. सरलग्न । चापाकार न. धनुष के आकार वाला मंडल । चार पु. जिसमे पाव पाव भाग सोलह वार बढाया जाता है, ऐसी संख्या । चित्रकूटा स्त्री. ठारहवी संवरणा । चित्रा स्त्री. चौदहवा नक्षत्र । चिन्तारमन् पु. आठवां व्यय ।