प्रासाद मण्डन (मण्डन सूत्रधार - मन्दिर निर्माण, शिखर, मण्डप एवं वास्तु लक्षण सटीक)
Prasada Mandanam of Sutradhara Mandana with Commentary
मण्डन सूत्रधार (महाराणा कुम्भा के प्रधान वास्तुकार) द्वारा
पृष्ठ 31, कुल 278 में से
संदर्भ में पढ़ें३० विषय पृष्ठ विषय पृष्ठ नव शाखा ७० सुवर्णपुरुष का मान और उसकी रचना .. ८६ उत्तरंग के देव . ७१ कलश की उत्पत्ति और स्थापना .. ८७ कलश का उदयमान .. ८८ चौथा अध्याय कलश का विस्तारमान . . ८८ ध्वजादंड रखने का स्थान .. ८६ द्वारमान से मूर्ति और पवासन का मान . ७२ ध्वजाधार (स्तम्भवेध) का स्थान .... ८६ गर्भगृह का मान . ७३ ध्वजाधार की मोटाई और स्तंभिका .. ८६ गर्भगृह के मान से मूर्ति का मान . ७३ ध्वजाधार, ध्वजदड और ध्वजा का चित्र .. ६० देवो का दृष्टि स्थान . ७३ ध्वजादड का उदयमान .... ६० देवो का पद स्थान . ७४ ध्वजादंड का दूसरा उदयमान .. ६१ प्रहार थर . ७५ ध्वजादंड का तीसरा उदयमान .... ६१ छाद्य ( छजा ) के थर मान ७५ ध्वजादंड का विस्तारमान . . ६१ शृङ्ग क्रम .. ७५ ध्वजादंड की रचना .... ६२ उरु शृङ्ग का क्रम सचित्र ७६ विषमपर्व वाले ध्वजादड के तेरह नाम ... ६२ शिखर निर्माण . ७६ ध्वजादंड की पाटली .... ६२ २५६ रेखा की साधना सचित्र .. ७७ ध्वजा का मान ... ६३ उदय भेदोद्भव रेखा . . ७८ ध्वजा का महात्म्य ... ६३ कलाभेदोद्भव रेखा . ७८ रेखाचक्र .. ७६ पांचवां अध्याय त्रिखंडा कला रेखा .. ७६ सोलह प्रकार के चार ७६ ग्रंथ मान्यता की याचना ... ६५ त्रिखंडा की रेखा और कला . ८० वैराज्यप्रासाद ... ६५ रेखा सत्या . ८१ फालना के भेद ... ६५ मडोवर और शिखर का उदयमान ८१ भ्रमणी ( परिक्रमा ) ... ६६ शिखर विधान . ८१ १ वैराज्य प्रासाद ... ६६ ग्रीवा, आमलसार और कलश का मान . ८२ वैराज्यादि जातिका प्रासाद चित्र शुकनास का उदय . ८२ नागर जातिका कलामय मंडोवर चित्र सिंह स्थान . ८२ दिशा के द्वारका नियम ... ६७ कपिली ( कोली ) का स्थान .. ८३ २ नन्दन प्रासाद ... ६८ कपिली का मान . ८३ ३ सिंह प्रासाद ... ६६ छह प्रकार की कपिली .. ८३ ४ श्रीनन्दन, ५ मदिर और ६ मलयप्रासाद ६६ प्रासाद के अंडक और आभूषण ८४ ७ विमान, ८ विशाल, ६ त्रैलोक्य भूषण प्रासाद १०० शिखर के नमन का विभाग ८४ १० माहेन्द्र प्रासाद, ११ रत्नशीर्ष आमलसार का मान सचित्र . ८४ १२ सितशृंग प्रासाद ... १०१ आमलसार के नीचे शिखर के कोणरूप ८५ १३ भूधर, १४ भुवन मडन, १५ त्रैलोक्य विजय, सुवर्णपुरुष ( प्रासादपुरुष ) की स्थापना . . ८६ १६ क्षिति वल्लभ, १७ महीधर प्रासाद .. १०२