प्रासाद मण्डन (मण्डन सूत्रधार - मन्दिर निर्माण, शिखर, मण्डप एवं वास्तु लक्षण सटीक)
Prasada Mandanam of Sutradhara Mandana with Commentary
मण्डन सूत्रधार (महाराणा कुम्भा के प्रधान वास्तुकार) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें२६ विषय पृष्ठ विषय पृष्ठ जिनप्रासाद के मंडपो का क्रम .... ३१ प्रासाद के उदय से पीठका उदयमान .... ४८ जिनप्रासाद मे देवकुलिका का क्रम .. ३१ १४४ भाग का मंडोवर (दीवार) ... ४९ बावन जिनालय .... ३२ १४४ भाग के मडोवर का दिग्दर्शन ... ५१ बहत्तर देवकुलिका ... ३२ चार प्रकार की जंघा ... ५२ चौबीस देवकुलिका .... ३२ मेरु मंडोवर और उसका चित्र ... ५३ रुप और मठाका स्थान .... ३२ सामान्य मंडोवर का चित्र . ५४ शिवलिंग के आगे अन्य देव ... ३३ सामान्य मंडोवर . ५५ देव के सम्मुख न्यदेव ... ३३ २७ भाग का मडोवर सचित्र .. ५५ परस्पर दृष्टिबंध ... ३४ मडोवर की मोटाई . ५५ दृष्टिबंध का परिहार ... ३४ शुभाशुभ गर्भगृह .... ५६ शिवस्नानोदक .... ३४ लव चौरस शुभ गर्भगृह ... ५७ देवो की प्रदक्षिणा ... ३५ स्तंभ और मडोवर का समन्वय ... ५७ जनमार्ग (पनाला) .. ३५ गर्भगृह के उदय का मान और गूम्बज .... ५७ मण्डप स्थित देवो की नाली .. ३६ उदुम्बर (देहली) की ऊंचाई ... ५८ पूर्व और पश्चिमाभिमुखदेव .. ३६ उदुम्बर की रचना ... ५८ दक्षिणाभिमुखदेव .. ३७ कुम्भा से हीन उदुम्बर और तल ... ५८ पश्चिमाभिमुख देव .. ३७ अर्द्धचन्द्र (शखावत्र्त) .. ६० सूर्य आयतन ... ३७ उत्तरंग .. ६१ गणेश आयतन ... ३८ नागरप्रासाद का द्वारमान ... ६२ विष्णु आयतन ... ३८ भूमिजादि प्रासाद का द्वारमान ... ६३ चण्डी आयतन ... ३८ द्राविड़ प्रासाद का द्वारमान ... ६४ शिव पञ्चायतन ... ३८ अन्यजाति के प्रासाद का द्वारमान ... ६४ त्रिदेव स्थापन क्रम ... ३९ द्वार शाखा ... ६४ त्रिदेवो का न्यूनाधिकमान ... ३९ शाखा के आय ६५ शाखा से द्वार का नाम और परिचय ६५ तीसरा अध्याय त्रिशाखा द्वार का चित्र ६६ न्यूनाधिक शाखामान ६७ प्रासाद धारिणी तरशिला . ४१ त्रिशाखा ६७ तरशिला का मान ... ४१ शाखा स्तंभ का निर्गम . ६७ भिट्टमान .... ४२ शाखोदर का विस्तार और प्रवेश ६७ भिट्ट का निर्गम . ४२ त्रि पंच सप्त नव शाखा का चित्र ६८ पीठ का उदयमान ... ४३ शाखा के द्वारपाल का मान . ६८ पीठोदय का थरमान . . ४५ शाखाके रूप ६९ थरो का निर्गम मान ... ४६ पञ्च शाखा ६९ कामपीठ और कणपीठ ... ४६ सप्त शाखा . . ७० प्रासाद का उदयमान (मडोवर) .... ४७