प्रासाद मण्डन (मण्डन सूत्रधार - मन्दिर निर्माण, शिखर, मण्डप एवं वास्तु लक्षण सटीक)
Prasada Mandanam of Sutradhara Mandana with Commentary
मण्डन सूत्रधार (महाराणा कुम्भा के प्रधान वास्तुकार) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें४४ प्रासादमण्डने क्षीरार्णव मत से पीठमान— "एकहस्ते तु प्रासादे पीठं वै द्वादशाङ्गुलम् । हस्तादिपञ्चपर्यन्तं हस्ते हस्ते पञ्चाङ्गुला ॥ पञ्चोर्ध्वं दशपर्यन्तं वृद्धिर्वेदाङ्गुला भवेत् । दशोर्ध्वं विंशयावत्तु हस्ते हस्ते त्रयाङ्गुला ॥ विंशोर्ध्वं षट्त्रिंशान्तं वृद्धिस्तु चाङ्गुलद्वया । षट्त्रिंशोर्ध्वं शताध्र्दान्तं हस्तहस्तैकमङ्गुल । पञ्चमांशे ततो हीनं कनिष्ठं शुभलक्षणम् । पञ्चमांशेऽधिकं चैव ज्येष्ठं त्वष्ट्रा च भाषितम् ॥" अध्याय ३ इसका अर्थ श्लोक पांच और छह के बराबर है। सिर्फ दोसे पांच हाथ तक के प्रासाद की पीठ प्रत्येक हाथ पांच २ अंगुल बढा करके बनाना लिखा है, यही विशेष है। इस मत से पचास हाथ के विस्तार वाले प्रासाद की पीठ का उदय पांच हाथ और आठ अंगुल का होता है ! अपराजितपृच्छा के मतसे पीठ का उदयमान— "एकहस्ते तु प्रासादे पीठं वै द्वादशाङ्गुलम् । द्व्यष्टाङ्गुलं द्विहस्ते च त्रिहस्तेऽष्टादशाङ्गुलम् ॥ अर्द्धं पादं त्रिभागं वा त्रिविधं परिकल्पयेत् । त्र्यंशेनार्धेन पादेन चतुर्हस्ते सुरालये ॥ पादं पीठोच्छ्रयं कार्यं प्रासादे पञ्चहस्तके । पञ्चोर्ध्वं दशपर्यन्तं रसाशं हस्तवृद्धये ॥ ततो हस्ते चाष्टमांशो वृद्धिः स्याद् द्वाविंशावधि । षट्त्रिंशदन्तं वृद्धिस्तु हस्ते वै द्वादशांशिका ॥ चतुर्विंशत्यंशिका तदूर्ध्वं यावच्छतार्धकम् । मध्ये न्यूनेऽधिके पञ्चमाशे ज्येष्ठं कनिष्ठकम् ॥ त्रिज्येष्ठमिति च ख्यातं त्रिमध्यं त्रिकनिष्ठकम् । तस्याभिधानं वक्ष्येऽह-मुदितं नवधोच्छ्रयात् ॥" सूत्र० १२३ एक हाथ के प्रासाद को बारह अंगुल, दो हाथ के प्रासाद को सोलह अंगुल, तीन हाथ के प्रासाद को अठारह अंगुल पीठ का उदय रक्खे। अर्थात् एक हाथ के अर्द्ध भाग, दो हाथ के तीसरे भाग और चार हाथ के चौथे भाग पीठ का उदय रक्खे। चार हाथ के प्रासाद को अर्द्ध भाग (४८ अंगुल), तीसरे भाग (३२ अंगुल) अथवा चौथे भाग (२४ अंगुल) पीठ का उदय रखना चाहिये। पांच हाथ के प्रासाद को चौथे भाग (३० अंगुल), छह से दस हाथ के प्रासाद को प्रत्येक हाथ चार २ अंगुल, ग्यारह से बाईस हाथ के प्रासाद को तीन २ अंगुल, तेईस से छत्तीस हाथ के प्रासाद को दो दो अंगुल और सेंतीस से पचास हाथ के प्रासाद को