प्रतिमानाटकम् (महाकवि भास - प्रतिमा-दर्शन एवं सम्पूर्ण ७ अङ्क सान्वय सटीक)
Pratimanatakam of Mahakavi Bhasa with Commentary
महाकवि भास द्वारा
पृष्ठ 7, कुल 178 में से
संदर्भ में पढ़ें( 4 ) जनपदों का उल्लेख आया है, उनमें अवन्ती भी एक है। यह अवन्ती जनपद दो भागों में विभक्त था—उत्तरी और दक्षिणी। उत्तरी भारत की राजधानी उज्जयिनी थी और दक्षिण की माहिष्मती। बुद्ध के समय उज्जयिनी में महासेन प्रद्योत राज्य करता था। इसकी पुत्री वासवदत्ता व उदयन की कथा प्रतिज्ञा व स्वप्न नाटक में भास ने अंकित की है। अतः भास का यही जन्मस्थान होना चाहिए, क्योंकि उज्जयिनी के प्रति इनकी ममता सर्वाधिक है। भास ने इसके विभिन्न स्थानों का इतना सूक्ष्म तथा सांगोपांग वर्णन किया है, जो आँखों से देखे बिना कभी सम्भव नहीं। अतः इसे भास का जन्मस्थान मानना युक्तिसंगत प्रतीत होता है। मगध— भास के रूपकों में मगध के प्रति भी श्रद्धा और आस्था है। कवि ने राजगृह के समीपवर्ती वन प्रदेश और आश्रम का सजीव चित्रण किया है। मगध जनपद के आश्रमों का सूक्ष्म चित्रण रहने से भास का जन्मस्थान राजगृह या उसके आसपास का प्रदेश होना चाहिए, यह संभव है। भास ने अपने नाटकों में नक्षत्र मुहूर्त का उल्लेख किया है। यह परम्परा प्राचीन होने के साथ मगध से सम्बद्ध है। उज्जयिनी में तिथि मुहूर्त का प्रचार था और मगध में नक्षत्रमुहूर्त का। निष्कर्ष—भास के रूपकों के अध्ययन से इतना तो स्पष्ट है कि ये उत्तर भारत के निवासी थे। उज्जयिनी और मगध इन दोनों से इनका घनिष्ठ सम्बन्ध है। मगध यदि जन्मभूमि है तो उज्जयिनी प्रवास भूमि और उज्जयिनी जन्मभूमि है तो मगध प्रवास भूमि। राजगृह और उज्जयिनी ये दोनों ही स्थान भास के लिए विशेष सुपरिचित हैं। अतः इन दोनों में भौगोलिक महत्त्व की दृष्टि से उज्जयिनी और सांस्कृतिक वर्णनों की प्रमुखता की दृष्टि से राजगृह भास की जन्मभूमि सम्भाव्य है। समीचीन यह है कि उज्जयिनी जन्मभूमि है, तो राजगृह कर्मभूमि। भास चन्द्रगुप्त मौर्य की राजसभा के अमात्य कवि थे। भास का काल-निर्णय भास के काल-निर्धारण में विद्वानों में काफी मतभेद है। बाण द्वारा भास के नाटकचक्र का निर्देश किए जाने के कारण भास का समय सातवीं सदी ईस्वी के बाद का नहीं माना जा सकता है। डॉक्टर पुषालकरने भास की रचनाओं के अन्तःपरीक्षण के आधार पर इनका समय ई. पू. चौथी-पाँचवी 9-10 शताब्दि राजसिंह शब्द का उल्लेख है जो 10 वीं शताब्दि का माना जाता है