प्रत्यभिज्ञाहृदयम् (आचार्य क्षेमराज - काश्मीर शैवदर्शन एवं जयदेव सिंह सान्वय हिन्दी भाष्य)
Pratyabhijnahridayam of Acharya Kshemaraja with Hindi Commentary
आचार्य क्षेमराज द्वारा
पृष्ठ 172, कुल 187 में से
संदर्भ में पढ़ें( २ ) अर्थावरोह ६५ आभास ६८ अलंघास ७० आभासन ६९ अवरोहक्रम ८२ आभाति ६९ अवरोहपद ७७, ७८ आभ्यन्तर ९२ अव्यक्त ६१, ६२ आमर्श ९२ अवस्थानम् ४९ आलोचन ७३ अवस्थितस्य ४८ आवेश ४६ अवास्तवता ४७ आवेशवश ९१ अविकल्प ७१, ७२, ८४ आवृत्तचक्षु ८६ अशेषशक्तित्वम् ४८ आर्हत ६२ असत् १ इ अस्फुट ७१ इच्छा ५९ असमसुख ८५ इच्छाशक्ति ६५ असम सौख्य ९० इदन्ता ५० असंकुचित ६५ ई असाधारण ७१ ईश ५५ अहन्ता ९६ ईश्वराद्वय ६७ अहंप्रतीति ६० ईश्वरतत्त्व ४९, ६१ अहंभाव ९५ ईश्वरता =४, ९४, ९५, ९८ आ ईश्वरप्रत्यभिज्ञा ४४, ९९ आगम ६१ ईश्वरभट्टारक ५० आच्छादन ७९ उ आणव ५८, ६६ उपनिषत् ४३ आत्मतत्त्व ६१, ६२ उपपन्न ४६ आत्मा ५७, ५८, ६० उपयुक्त ४६ आत्मसात् ७९, ८० उपादान ४८ आत्मोपासक ६३ उपाय ४४ आत्मविश्रान्ति ९५ उपारोह ४६ आदिकोटि ८९ उभयरूपा ६४ आद्यन्तकोटिनिभालन ८३ उल्लास ९० आदिक्षान्त ७१, ९४ ऊ आनन्द ५९, ६० ऊर्ध्वकुण्डलिनी ८७