प्रत्यभिज्ञाहृदयम् (आचार्य क्षेमराज - काश्मीर शैवदर्शन एवं जयदेव सिंह सान्वय हिन्दी भाष्य)
Pratyabhijnahridayam of Acharya Kshemaraja with Hindi Commentary
आचार्य क्षेमराज द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( ५ ) द्वार ८६ पराङ् ८६ न परानन्द ९० नष्ट ६९ पराञ्चि ८६ नाना ४९ परादशा ८५ नाडीसहस्र ८३ पराद्वय ४६ नासापुट ८७ पराप्रकृति ६१ नित्यत्व ६६ पराभूमि ७७ नित्योदित ४५, ७१, ९०, ९१, ९२, ९३ परामृष्ट ६९ निमज्जन ७९, ८०, ८१, ९६ परावाक्शक्ति ७१ निमज्ज्य ६५ पराशक्ति ४४ निमिषति ४४ पशु ५५, ५६ निमीलन ९७ पशुदशा ७५ निमीलितसमाधिक्रम ९१ पशुभूमिका ७३ निमेष ८६ पशुहृदयम् ७४ नियति ५९, ६६ पश्यन्ती ६१, ७१ निश्चय ७३ पञ्चत्रिंशत् ५९ निलीनाक्ष ८९ पञ्चकस्वरूप ५९ निहितचित्त ८४ पञ्चविधकृत्य ६७, ६८, ६९, ७०, २४ नील ४७, ५५, ६३, ६७, ७८, ८१, ९६ पञ्चकृत्य ४३ नैयायिक ६० पञ्चकृत्यकारित्व ७६ परिणाम ६१ प परिज्ञान ४७, ५४, ७४, ७६ परप्रमातृ ४४ परिपूर्णता ४५ परमयोगी ९०, ९४, ९८ परिमितानाम् ५० परमशिव ५१ पद्मसंपुट ८९ परमानन्द ५१ पतिदशा ७२ परमार्थ ४३, ४५, ५६ पतिदशात्मा ७५ परस्याः प्रकृतेः ६१ पतिभूमिका ७४ परशक्तिपात ६२ पादोद्देश ४६ परमेशता ८८ पाञ्चरात्र ६१ पाञ्चरात्रिक ६२ परमेश्वर ४१, ६५, ७४, ७५, ७६ पारतन्त्र्य ८५