भारतकोश
प्रत्यभिज्ञाहृदयम् (आचार्य क्षेमराज - काश्मीर शैवदर्शन एवं जयदेव सिंह सान्वय हिन्दी भाष्य)

प्रत्यभिज्ञाहृदयम् (आचार्य क्षेमराज - काश्मीर शैवदर्शन एवं जयदेव सिंह सान्वय हिन्दी भाष्य)

Pratyabhijnahridayam of Acharya Kshemaraja with Hindi Commentary

आचार्य क्षेमराज द्वारा

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( ७ ) बौद्ध ६२ म ब्रह्मनाडो ८३ मध्य ८२ ब्रह्मरन्ध्र ८३ मध्यविकास ८२, ९० ब्रह्मवाद ४७ मध्यमा ७१ ब्रह्मवादी ६६ मध्यधाम ७५ ब्राह्मी ७२ मध्यनाडी ८३ मनुष्य ७१ भ मनीरुढ़ ९० भक्तिभाजः ४४ मन्त्र ५०, ७१, ९५ भगवती ४४, ४५ मन्त्रमहेश्वर ४९ भगवतः ६७ मन्त्रवोर्यं ९६ भगवान् ६७ मन्त्रेश्वर ५० भाव ५०, ५५, ७४ मल ५८, ६६ भावस्वभाव ७३ मलावृत ६५ भावराशि ९१ महाफल ४८ भिन्नम् ४५ महानन्दमय ९० भिन्नवेद्यप्रथा ६६ महामन्त्र ७१ भूचरी ७३ महामन्त्रवीर्यात्मक ९३, ९६ भूचरीचक्र ७३ महार्थदृष्टि ६९ भूमिका ५९, ६२, ६३ महाव्याप्ति ६२ भेद ६४, ६६, ७२, ७३ महाह्रद ९६ भेदनिश्चय ७३ महेशता ७२ भेदभूधर ६९ महेश्वर ६७, ९४, ९७, ९९ भेदवाद ४८ मातृ ७४ भेदव्याप्ति ६५ मात्रया ७७, ७८ भेदविषय ७२ माया ४५, ५०, ५५, ५६, ६३ भैरवमुद्रा ७२ मायादशा ८२ भैरवीमुद्रा ८६ मायापद ७७ भैरवात्मता ९० मायाप्रमाता ५६, ७१ भोक्तृता ९८ मायाप्रमातृता ७८ भोग ४७ मायाशक्ति ५३, ९७ भ्रूभेदन ८७ मायोय ५८, ६६